मध्यप्रदेश विधानसभा में औकात में रहो” टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समर्थन में कांग्रेस पूरी तरह मैदान में उतर आई है। पार्टी नेताओं ने इसे न केवल एक व्यक्ति, बल्कि प्रदेश की जनता का अपमान बताया है। अदाणी से बिजली खरीद के मुद्दे पर सदन में हुई तीखी बहस के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित टिप्पणी के बाद कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया था। अब पार्टी के प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेता सिंघार के समर्थन में बयान दे रहे हैं।
पटवारी का हमला: जनता का अपमान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को “औकात” कहने का मतलब है प्रदेश की करोड़ों जनता का अपमान। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार सवालों से बचना चाहती है। पटवारी ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी किया।
हरीश चौधरी की तीखी प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास जवाब नहीं होते, तब वह अपमानजनक भाषा का सहारा लेती है। यह विधानसभा और जनता के जनादेश का अपमान है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को जनता के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर बड़ा आंदोलन बनाने की तैयारी में है। विधानसभा में हुई टिप्पणी ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
यूथ कांग्रेस भी मैदान में
यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में मंत्री का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। पार्टी का कहना है कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, विरोध जारी रहेगा।
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सिंघार का पलटवार: मैं अपनी औकात में हूं
विवाद बढ़ने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूं। मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने रखने की है। सिंघार ने कहा कि यह अपशब्द किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का अहंकार इतना बढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं। उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र में असली ताकत जनता है, कुर्सी नहीं। जिस जनता को औकात याद दिलाने की कोशिश हो रही है, वही चुनाव में असली औकात दिखाती है।
