इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार रात अचानक हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के चलते किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को सांसद शंकर लालवानी के साथ कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सांसद ने खेतों में जाकर किसानों से सीधी चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे बिना विलंब किए सर्वे रिपोर्ट तैयार करें ताकि प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

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फसलों को भारी नुकसान हुआ।
– फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
प्रभावित क्षेत्रों का विवरण और उत्पादन पर असर
तेज हवाओं के कारण सबसे ज्यादा नुकसान सांवेर और देपालपुर तहसील के गांवों में देखा गया है। विशेष रूप से बालौदा, टाकून, पोटलोद, रतनखेड़ी, बसान्द्रा और नाहरखेड़ा जैसे क्षेत्रों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। देपालपुर के नेवरी, चटवाड़ा, पिपलोदा खड़ी, बरोदा पथ, बैंगन्दा, सगडोद और हातोद में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इंदौर तहसील के गांव नैनोद, रिजंलाई, जम्मुडी हाप्सी, कलमेंर और रोजडी के आसपास के खेतों में भी फसलें आड़ी गिर गई हैं। जानकारों का मानना है कि फसल के गिरने से दानों की गुणवत्ता और कुल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है।
प्रशासनिक स्तर पर सर्वे और निरीक्षण की शुरुआत
प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं। कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा शुरू कर दिया है। कृषि अधिकारी और ग्राम सेवक रणजीत ठाकुर ने खेतों में पहुंचकर प्राथमिक स्तर पर नुकसानी का निरीक्षण किया। सर्वे कार्य के दौरान अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का आकलन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे की रिपोर्ट तैयार होते ही उसे वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा ताकि राहत राशि वितरण का मार्ग प्रशस्त हो सके।
मुआवजे और फसल बीमा की बढ़ती मांग
इस बीच किसान नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। किसान नेता बबलू जाधव ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने आग्रह किया है कि राजस्व पुस्तिका परिपत्र (आरसीबी 6/4) के प्रावधानों के तहत पात्र किसानों को त्वरित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में आने वाले किसानों को तत्काल बीमा लाभ दिलाने की बात कही है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे सर्वे प्रक्रिया में सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
