कोविड महामारी के बाद से पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर उछाल देखा जा रहा है। वर्तमान में लोग जंगलों, ग्रामीण अंचलों और प्रकृति के सान्निध्य में समय व्यतीत करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारत सरकार द्वारा पर्यटन को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप विदेशी पर्यटकों के आगमन में भी आशातीत वृद्धि हुई है। इस वैश्विक परिदृश्य के बीच केरल पर्यटन विभाग ने एक अनूठा विचार प्रस्तुत किया है जिसने दुनिया भर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना ली है।
केरल द्वारा शुरू किया गया ‘ट्रैवल नाउ, पोस्ट लेटर’ अभियान माइंडफुल ट्रैवल को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह वैश्विक यात्रियों से यह आह्वान करता है कि वे पहले स्वयं अपनी आंखों और मन से उस क्षण को पूरी तरह अनुभव करें, और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बाद में साझा करें। इस अभियान का मूल मंत्र अत्यंत सरल है कि पहले अनुभव करो और बाद में पोस्ट करो। यह संदेश देता है कि यात्रा की सबसे सुंदर कहानियां पहले महसूस की जानी चाहिए। गुरुवार को इंदौर प्रवास पर आए केरल पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से चर्चा के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में केरल के पारंपरिक नृत्यों की भी प्रस्तुति दी गई।
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वैश्विक स्तर पर केरल की नई विचारधारा का प्रभाव
इंदौर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अधिकारियों ने केरल के पर्यटन मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास के संदेश को साझा किया। केरल पर्यटन विभाग के टूरिस्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर सजेश एन ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से केरल टूरिज्म स्वयं को एक थॉट लीडर के रूप में स्थापित कर रहा है। यह पहल यात्रा के पारंपरिक तरीकों पर एक नई वैश्विक बहस शुरू कर रही है, जहां यात्रा केवल दिखावा न होकर जागरूकता और वास्तविक जुड़ाव का माध्यम बने। ‘ट्रैवल नाउ, पोस्ट लेटर’ मुख्य रूप से एक सोशल मीडिया कैंपेन है जो वर्तमान में केरल टूरिज्म के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कोविड पश्चात वर्षों में केरल में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नए पर्यटन उत्पादों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है, जिसके आगामी गर्मी की छुट्टियों में भी जारी रहने की प्रबल संभावना है।
आगामी सीजन के लिए विशेष आकर्षण और गतिविधियां
इस आगामी पर्यटन सीजन में केरल विशेष रूप से एडवेंचर, वेलनेस और लक्जरी थीम पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें सर्फिंग, साइक्लिंग, पैराग्लाइडिंग और माउंटेन बाइकिंग जैसी साहसिक गतिविधियां शामिल हैं। साथ ही आयुर्वेद पर आधारित वेलनेस और डेस्टिनेशन वेडिंग्स जैसे क्षेत्रों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना है। केरल अपने विविध अनुभवों जैसे हाउसबोट, कारवां स्टे, प्लांटेशन विजिट और जंगल रिसॉर्ट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है। राज्य के पारंपरिक आकर्षण जैसे बीच, हिल स्टेशन और बैकवाटर सेगमेंट को नए प्रोजेक्ट्स के साथ और अधिक बेहतर बनाया जा रहा है ताकि आगंतुकों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया जा सके।
विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 33 हेरिटेज ट्रेल्स
राज्य सरकार ने विरासत पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मुज़िरिस हेरिटेज प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस माह प्रदेश भर में 33 हेरिटेज ट्रेल्स का शुभारंभ किया है। ये ट्रेल्स उत्तर में कासरगोड से लेकर दक्षिण में कोल्लम तक विस्तृत हैं। उभरते हुए पर्यटन क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार के साथ ही केरल को एक सुरक्षित पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी छुट्टियों के दौरान अंतरराष्ट्रीय बुकिंग में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर केरल को मिली बड़ी उपलब्धियां
केरल की पर्यटन साख को हाल ही में वैश्विक स्तर पर बड़ी सराहना मिली है। रफ गाइड्स द्वारा वर्ष 2026 के लिए जारी दुनिया के 26 प्रमुख यात्रा गंतव्यों की सूची में केरल को स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य ने ट्रैवल+लीशर इंडिया का वर्ष 2025 के लिए ‘बेस्ट वेलनेस डेस्टिनेशन’ पुरस्कार भी अपने नाम किया है। यह सम्मान केरल की आयुर्वेदिक परंपराओं और समग्र उपचार पद्धतियों की वैश्विक स्वीकार्यता को प्रमाणित करता है और दुनिया के मानचित्र पर एक प्रमुख वेलनेस टूरिज्म स्पॉट के रूप में राज्य की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।
