मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह मोहन यादव सरकार का तीसरा और देवड़ा का सातवां बजट है। 4.38 लाख करोड़ रुपए के इस बजट को लेकर सदन के भीतर और बाहर तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। कांग्रेस ने इसे खोखला और कर्ज बढ़ाने वाला बजट बताया, जबकि भाजपा ने इसे समावेशी विकास का दस्तावेज करार दिया।

कांग्रेस का हमला: कर्ज बढ़ा, वादे अधूरे

सचिन यादव ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है। 74 हजार करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे के बावजूद बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स के दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों के हितों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

जयवर्धन सिंह ने कहा कि लाडली बहनों को प्रतिमाह 3000 रुपए देने का वादा बजट में नजर नहीं आया। किसानों के नुकसान और युवाओं के रोजगार पर भी स्पष्ट घोषणा नहीं की गई।

महेश परमार ने बजट को “धोखे का दस्तावेज” बताते हुए कहा कि जब विधायकों की विकास निधि तक नहीं बढ़ाई जा सकती तो इतना बड़ा बजट किस काम का।

विक्रांत भूरिया ने रोजगार, एमएसपी और सोयाबीन आयात के मुद्दे उठाते हुए कहा कि सरकार युवाओं और किसानों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है।

फूल सिंह बरैया ने बजट को “आंकड़ों की जुमलेबाजी” बताया। उनका कहना था कि राज्य पर बढ़ते कर्ज और एसटी-एससी वर्ग के लिए पर्याप्त प्रावधान न होना चिंता का विषय है।

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भाजपा का बचाव: समृद्ध और संतुलित बजट

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इसे भौगोलिक संतुलन और सामाजिक समावेशन पर आधारित बजट बताते हुए कहा कि अधोसंरचना के लिए 13 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है

राज्य स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे रोजगार और सेवाओं का विस्तार होगा।

अभिलाष पांडे ने कहा कि 4.38 लाख करोड़ का बजट अपने आप में विकास की बड़ी परिकल्पना है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी 23 हजार करोड़ का बजट छोड़कर गई थी, उसे आज का आकार रास नहीं आ रहा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने इसे गरीब, युवा, महिला और किसान केंद्रित बजट बताया। उनका कहना है कि यह बजट प्रदेश की दिशा और दशा बदलने वाला साबित होगा।

अर्चना चिटनिस ने बजट को केंद्र सरकार के साथ तालमेल वाला और रोलिंग बजट की अभिनव अवधारणा वाला बताया।

 



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