मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार को लेकर मोहन सरकार ने बजट में बड़ा एलान किया है। वर्ष 2025 को ‘उद्योग और रोज़गार वर्ष’ के रूप में मनाते हुए मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। पिछले दो वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में कुल 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 8 लाख 63 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 का एलान
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बजट में म.प्र. एमएसएमई विकास नीति 2025, म.प्र. एमएसएमई औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन तथा प्रबंधन नियम 2025 तथा उद्योग संवर्धन नीति 2025 लागू की है। इसके अतिरिक्त बड़े उद्योगों को आकर्षित करने और निवेशकों को समग्र पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक नीति 2025 एवं मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट संवर्धन नीति 2025 जारी की गई हैं। प्रदेश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने हेतु मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 का प्रभावी क्रियान्वयन भी प्रस्तावित है।
48 इंडस्ट्रियल पार्क लगाने का एलान
बजट में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि राज्य में प्रदेश के सभी क्षेत्रों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें 5 आईटी पार्क, इंदौर का प्लग एंड प्ले पार्क, मंडीदीप में फ्लैटेड इंडस्ट्रीज़ और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 2,360 करोड़
2,360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना उद्योग और निवेश को नई गति देगी। वहीं दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर के “मसवासी ग्रंट” औद्योगिक क्षेत्र के लिए 1,500 एकड़ से अधिक भूमि पर विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी गई है।
ग्वालियर को TMZ का तोहफा
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है, जिससे देश को टेलीकॉम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
एमएसएमई और स्टार्टअप को बढ़ावा
वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 23 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग पंजीकृत हैं। इनमें से 4 लाख 50 हजार विनिर्माण इकाइयाँ लगभग 36 लाख रोजगार सृजित कर रही हैं। पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 16,491 युवाओं को 1,134 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। प्रदेश में संचालित 6,670 स्टार्टअप में से 3,000 से अधिक स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
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मिंट स्टोन लकड़ी के फर्नीचर को जीआई टैग
“एक जिला एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत ग्वालियर के मिंट स्टोन और छतरपुर के लकड़ी के फर्नीचर को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। प्रदेश सरकार ने निवेश और औद्योगीकरण क्षेत्र के लिए 5,957 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान प्रस्तावित किया है, जो आने वाले समय में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
