राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तृतीय अनुपूरक अनुमान के तहत कुल 19,287.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 8,934.03 करोड़ रुपये राजस्व मद में और 10,353.29 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में शामिल हैं। मोहन सरकार के तीसरे अनुपूरक बजट में 19287.32 करोड़ के प्रस्ताव में 1650 करोड़ रुपए का प्रावधान सरकार ने पिछले दिनों में लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए किया है। बजट में 950 करोड़ रुपए की व्यवस्था नए कर्ज का ब्याज भुगतान करने और 700 करोड़ रुपए पुराने कर्ज के ब्याज राशि भुगतान के लिए तय किए गए हैं। इस अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 23 फरवरी का दिन तय किया है। अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा और स्थानीय निकायों को प्राथमिकता दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के तहत मुख्यमंत्री विवेकाधीन अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं राजस्व विभाग में राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से प्राप्त राशि के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

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उद्योग, वित्त और ऊर्जा पर फोकस

औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग को निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 1,250 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वित्त विभाग ने पुराने और नए बाजार ऋणों के प्रबंधन के लिए 1,650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत राज्य ऊर्जा कंपनियों को अल्पकालीन ऋण के रूप में 2,630 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

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नगरीय निकायों और पंचायतों को सहायता

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के तहत 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकायों को 1,569 करोड़ रुपये और मिलियन शहरों को 248 करोड़ रुपये अनुदान दिए जाएंगे। विभागीय संस्थाओं को अल्पकालीन ऋण के लिए 370 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पंचायत विभाग को अतिरिक्त स्टांप शुल्क वसूली के विरुद्ध अनुदान के लिए 605 करोड़ रुपये मिलेंगे।

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सिंचाई और जल योजनाओं के लिए बड़ी राशि

नर्मदा घाटी विकास विभाग को विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन विभाग को बांध और संबंधित कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

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सड़क, पुल और शिक्षा योजनाएं

लोक निर्माण विभाग को भूमि अधिग्रहण मुआवजे के लिए 1,337 करोड़ रुपये, ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण के लिए 225 करोड़ रुपये तथा बड़े पुलों के निर्माण के लिए 125 करोड़ रुपये दिए गए हैं। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए 600 करोड़ रुपये और शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए 120 करोड़ रुपये मिलेंगे।

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एमएसएमई और खनिज मद

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग को एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के लिए 213 करोड़ रुपये दिए गए हैं। खनिज विभाग के तहत जिला माइनिंग फंड के लिए 321 करोड़ रुपये तथा खनिज अधिभार को आरक्षित निधि में अंतरण के लिए 140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से विकास कार्यों को गति मिलेगी और बुनियादी ढांचे के साथ सामाजिक योजनाओं को मजबूती मिलेगी।



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