अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा के पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन की बेटी कनुप्रिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। मंगलवार को भोपाल में कनुप्रिया ने कांग्रेस नेता मुकेश नायक व महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अर्चना जायसवाल की उपस्थिति में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। सत्तन की बेटी का कांग्रेस पार्टी में जाना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में  सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि यह बेटी का अपना फैसला था।उनकी विचारधारा इंदिराजी से जुड़ी थी, इस कारण वे कांग्रेस में गईं।

कनुप्रिया ने पिछले साल पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की थी और फिर कांग्रेस से जुड़े एक संगठन की जिम्मेदारी संभाली थी। तीन माह पहले वे कांग्रेस नेताओं के साथ इंदिरा प्रतिमा पर नजर आई थीं, तभी से यह चर्चा होने लगी थी कि वे कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर सकती हैं।

 

बेटी के कांग्रेस में जाने पर भाजपा नेता सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि देश में वैचारिक स्वतंत्रता है। यह मनुष्य का अधिकार है कि उसे क्या पसंद है। जिसका मन जहां लगता है और जिसकी जैसी विचारधारा होती है, वह उसी संगठन के प्रति आकर्षित होता है। मैं जिस संगठन में हूं, वहां विचारधारा थोपी नहीं जाती है।

मेरी बेटी की विचारधारा इंदिराजी को लेकर थी। जिस पार्टी को उसने श्रेष्ठ माना, उस पार्टी के साथ वह गई। यह उसका अपना फैसला है। कनुप्रिया ने इस बारे में कहा कि मेरे पिता भले ही भाजपा के विधायक रहे हैं, लेकिन मेरे दादा व परदादा कांग्रेसी थे। मेरी मां भी एनएसयूआई से जुड़ी थीं, इस कारण कांग्रेस की विचारधारा ने मुझे आकर्षित किया।



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