महाराष्ट्र साहित्य सभा के 64वें शारदोत्सव का मुख्य कार्यक्रम इंदौर के जाल सभागृह में आयोजित किया गया। ठाणे के वरिष्ठ पत्रकार डॉ.उदय निरगुणड़कर ने मानवीय प्रतिभा और मशीनी बुद्धिमत्ता विषय पर कहा कि एआई का अपने देश में इसका प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसका रोजाना अध्ययन आवश्यक है। जिससे कि नित नए प्रयोग और विश्व भर में इसका कैसा उपयोग हो रहा है यह जानना भी आवश्यक है।अपने आप को रोजाना इसके बारीकियों को समझना एवं अपडेट रहना आज के युग की आवश्यकता है।

 

वरिष्ठ पत्रकार अजय बोकिल ने कहा कि पत्रकारिता क्षेत्र में भी ए आई का प्रयोग तेजी से हो रहा है । इस तकनीक के साथ अपडेट रहना होना है। निश्चित रूप से इसका असर हुआ है। मानव श्रम कम हो गया। इस तकनीक से विदेश में फ्रेंच भाषा में अखबार भी छप रहा है। रंगकर्मी सागर शेंडे ने कहा कि एआई के कारण नाटक के मंचन में आसानी हुई है।

 

रंगमंच पर लगने वाले सेट और अधिक आकर्षक बनाए जाने लगे है। साथ ही शोधकर्ता लेखक के लिए यह बहुत सहायक है। शाम को पुरस्कार वितरण का आयोजन हुआ।इंदौर के दस केन्द्रों पर आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के संयोजकों, केंद्र प्रमुख व सहायकों का सम्मान अतिथिगण संभागायुक्त सुदाम खाड़े और भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने किया।स्वागत अनिल जोशी ,सभा के अध्यक्ष अश्विन खरे,सचिव प्रफुल्ल कस्तूरे ने किया। संचालन मानसी तरानेकर,मिलिंद देशपांडे ने किया।आभार विनीता धर्म ने माना।



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