उज्जैन में विक्रमोत्सव के पावन अवसर पर बहुप्रतीक्षित वाहन मेले की शुरुआत अत्यंत उत्साह के साथ हुई है। मेले के पहले ही दिन महाशिवरात्रि का पर्व होने के कारण वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया। इस आयोजन की खास बात यह है कि उज्जैन के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ इंदौर से भी बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे और अपनी पसंद के वाहनों की जमकर खरीदारी की। मेले में वाहनों पर लगने वाले टैक्स में शासन द्वारा दी जा रही 50 प्रतिशत की भारी छूट ने खरीदारों के बीच खासा आकर्षण पैदा किया है। कई महंगी और प्रीमियम कारों की बुकिंग पहले ही हो चुकी थी जिनकी डिलीवरी लेने के लिए लोग विशेष रूप से मेले के उद्घाटन का इंतजार कर रहे थे। ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों का मानना है कि इस वर्ष की बिक्री पिछले कई साल के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर सकती है।

कर में छूट से बढ़ा ग्राहकों का रुझान

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश राज्य सरकार पिछले दो वर्षों से ग्वालियर व्यापार मेले की तर्ज पर उज्जैन में भी इस विशाल वाहन मेले का सफल आयोजन कर रही है। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें खरीदे जाने वाले वाहनों पर मोटरयान कर यानी आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की सीधी रियायत दी जाती है। इस योजना के चलते वाहनों की ऑन-रोड कीमत में काफी कमी आ जाती है जिससे ग्राहकों को लाखों रुपये का सीधा लाभ होता है। यही कारण है कि लोग महीनों पहले से इस मेले का इंतजार करते हैं ताकि छूट का फायदा उठा सकें। उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में कल से शुरू हुआ यह व्यापार मेला आगामी 19 मार्च तक अनवरत जारी रहेगा। पहले ही दिन उमड़ी भीड़ में इंदौर के ग्राहकों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई।

इस बार मेले में लगी हैं 223 दुकानें

इस वर्ष मेले को भव्य रूप देने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल पर कुल 223 दुकानें लगाई गई हैं जिनमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र का वर्चस्व साफ दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार मेले में चार पहिया वाहनों के लिए 123 स्टॉल और दोपहिया वाहनों के लिए 40 विशेष स्टॉल आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आगंतुकों की सुविधा के लिए लगभग 60 फूड स्टॉल भी लगाए गए हैं। मेले में भागीदारी करने वाले डीलरों में सबसे अधिक संख्या इंदौर के व्यापारियों की है। ग्राहकों की बढ़ती मांग और डिलीवरी में होने वाली देरी से बचने के लिए डीलर्स ने पहले से ही पर्याप्त स्टॉक मंगवा लिया है ताकि मौके पर ही वाहनों की सुपुर्दगी सुनिश्चित की जा सके।

इंदौर के स्थानीय बाजार पर बड़ा प्रभाव

व्यापारिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेले की पूरी अवधि के दौरान इंदौर और आसपास के जिलों के वाहन खरीदारों का पूरा ध्यान उज्जैन की ओर केंद्रित रहेगा। इसका सीधा प्रभाव इंदौर के स्थानीय शोरूमों की बिक्री पर देखने को मिल सकता है क्योंकि ग्राहक स्थानीय स्तर पर पूरी कीमत चुकाने के बजाय मेले की छूट का लाभ लेना पसंद कर रहे हैं। इसी संभावित घाटे की भरपाई के लिए इंदौर के अधिकांश प्रमुख डीलर्स ने उज्जैन मेले में ही अपने स्टॉल लगा लिए हैं ताकि वे अपने नियमित ग्राहकों को वहां सेवाएं दे सकें।

आरटीओ राजस्व में संभावित कमी आएगी

मेले के नियमानुसार टैक्स में छूट का लाभ केवल उन्हीं वाहनों पर देय है जिनका स्थायी पंजीकरण उज्जैन आरटीओ कार्यालय के अंतर्गत कराया जाएगा। इस नियम के कारण इंदौर और आसपास के अन्य क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को अपने कर राजस्व में एक बड़े हिस्से का नुकसान उठाना पड़ सकता है। चूंकि बड़ी संख्या में वाहन अब उज्जैन में पंजीकृत होंगे इसलिए इंदौर आरटीओ के खाते में आने वाला टैक्स इस अवधि में काफी कम रहने की संभावना है।

नई कारों और लग्जरी मॉडलों का क्रेज

बाजार में आए नए मॉडलों को लेकर भी ग्राहकों में जबरदस्त दीवानगी देखी जा रही है। व्यापारियों का तर्क है कि सरकारी कर छूट के साथ-साथ त्योहारों का सीजन और बाजार में नई गाड़ियों की उपलब्धता एक ऐसा संयोग बना रही है जिससे इस बार का मेला ऐतिहासिक बिक्री की ओर अग्रसर है।

करोड़ों की गाड़ियों पर लाखों की बचत

प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मेले में सामान्य कम्यूटर बाइक से लेकर करोड़ों रुपये की कीमत वाली लग्जरी कारें तक बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। नियमानुसार वाहन जितना महंगा होगा कर छूट का लाभ भी उतना ही अधिक मिलेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी लग्जरी कार की शोरूम कीमत एक करोड़ रुपये है और उस पर सामान्यत: 8 प्रतिशत की दर से 8 लाख रुपये टैक्स लगता है तो मेले से खरीदने पर ग्राहक को केवल 4 लाख रुपये ही टैक्स देना होगा। इस प्रकार एक ही खरीदारी पर सीधे 4 लाख रुपये की बचत ग्राहकों को मेले की ओर खींच रही है।

 



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