भोपाल में सोमवार को अदालतों की रफ्तार थम गई। शिवपुरी जिले के करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या के विरोध में राजधानी के वकीलों ने कामकाज से दूरी बनाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलो का कहना है कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर ठोस कानून अब तक लागू नहीं हो सका। एक वरिष्ठ अधिवक्ता  ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद सरकार ने इस विषय पर गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा कानून लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

आमजन हुए परेशान

कोर्ट में काम बंद रहने से दूर-दराज से आए पक्षकारों को निराश लौटना पड़ा। कई मामलों में सुनवाई टल गई। हालाकिं वहां पहुंचे लोगों को उम्मीद थी कि शायद कुछ समय बाद काम शुरू हो जाए और उनके मामले की सुनवाई हो सके, लेकिन हड़ताल के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका।

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नारेबाजी और कामबंदी

अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में एकजुट होकर नारेबाजी की और अपनी-अपनी सीटों पर बैठकर कामकाज पूरी तरह ठप रखा। उनका कहना है कि साथी अधिवक्ता की हत्या ने पूरे प्रदेश के वकीलों को झकझोर दिया है। वकीलों का कहना है कि हम जनता के लिए काम करते हैं। हमरी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।

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दिनदहाड़े हुई थी हत्या

14 फरवरी को करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे न्यायालय जा रहे थे, तभी पुराने विवाद के चलते भाड़े के शूटरों ने उन्हें निशाना बनाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों और कथित साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और जांच किसी विशेष एजेंसी से कराई जाए। वकीलों का साफ कहना है जब तक सुरक्षा का पुख्ता कानूनी प्रावधान नहीं बनेगा, तब तक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले खुद असुरक्षित रहेंगे।



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