महाशिवरात्रि पर राजधानी भोपाल पूरी तरह शिवमय नजर आई। पुराने शहर से लेकर नेहरू नगर तक अलग-अलग स्थानों पर भव्य शिव बारातें निकाली गईं। सुबह से ही प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं शाम होते-होते सड़कों पर डमरू, ताशों और जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी।


मंदिरों में सुबह से लगी कतारें

महाशिवरात्रि पर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन के लिए श्रद्धालु कतारों में नजर आए। पूरे दिन ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से राजधानी गूंजती रही। महाशिवरात्रि का यह पर्व केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता नजर आया।

पुराने शहर से निकली भव्य बारात

आयोजन समिति के संयोजक संजय अग्रवाल के अनुसार बारात पुराने शहर स्थित शिवालय भवन से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा सिंधी मार्केट, जनकपुरी हनुमानगंज, मंगलवारा, ट्रांसपोर्ट एरिया, इतवारा, चिंतामन चौराहा, गणेश चौक, सावरकर चौक लखेरापुरा होते हुए रात करीब 10 बजे मां भवानी मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान शिव-पार्वती की वरमाला की रस्म संपन्न की जाएगी।बारात का मुख्य आकर्षण चांदी के नंदी पर सवार दूल्हा स्वरूप बाबा बटेश्वर हैं। आकर्षक रथ पर विराजमान उनका स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है। वहीं विभिन्न प्रांतों से आए नृत्य दलों ने पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। युवाओं का डमरू दल खास आकर्षण है, जिसमें पहली बार 50 से अधिक बालिकाओं की भागीदारी देखने को मिली। मार्ग भर सैकड़ों सामाजिक संस्थाओं और ट्रस्टों ने मंच लगाकर बारात का स्वागत कर रहे हैं। पूरे रास्ते को रोशनी और फूलों से सजाया गया। यह आयोजन बड़वोल महादेव मंदिर सेवा समिति एवं ट्रस्ट द्वारा किया गया है। 

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नेहरू नगर में 11वीं वर्ष विशाल शिव बारात

इधर नेहरू नगर में भी महाशिवरात्रि श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई गई। आयोजक हेमंत ठाकुर के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों से निरंतर निकाली जा रही विशाल शिव बारात इस बार भी भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम संरक्षक भगवान दास सबनानी के मार्गदर्शन में आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से हुआ। बारात हनुमान मंदिर पलकमती परिसर, नेहरू नगर से प्रारंभ होकर सिद्धेश्वरी शक्ति पीठ, कोपल स्कूल के पास पहुंचकर संपन्न हुई। समापन स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। विवाह के बाद प्रसाद वितरण किया गया।

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हजारों श्रद्धालु, ऊंट-घोड़े और आतिशबाजी ने बढ़ाई भव्यता

नेहरू नगर की शिव बारात में करीब 3 से 4 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। तीन भव्य रथों पर भगवान शिव के स्वरूप सजे, साथ में 6 ऊंट, 20 घोड़े और 8 बग्घियां शोभायात्रा का हिस्सा रहीं। 50 कलाकारों के अखाड़े ने करतब दिखाए। 125 डोल, 50 ताशे, 50 झांझ-डमरू, 50 ध्वज, तीन झांकियां और तीन बैंड दलों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। विशेष आतिशबाजी और बर्फ से बने शिवलिंग ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा।



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