राज्य विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर माहौल गर्म हो गया है। इस बार विधायकों ने सरकार से बड़ी संख्या में सवाल पूछे हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के सदस्यों ने मिलकर कुल 3478 प्रश्न लगाए हैं। इनमें से 2253 प्रश्न ऑनलाइन भेजे गए हैं, जबकि 1225 प्रश्न ऑफलाइन प्राप्त हुए हैं। सवालों में 1750 तारांकित और 1728 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा अब तक 192 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की सूचनाएं भी विधानसभा सचिवालय को मिल चुकी हैं। विपक्ष की ओर से आठ स्थगन प्रस्ताव भी भेजे गए हैं, जिससे माना जा रहा है कि सत्र के दौरान कई मुद्दों पर तीखी बहस हो सकती है। विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के साथ-साथ प्रदेश स्तर के विषयों को भी उठाया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद राज्य का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।
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4.85 लाख करोड़ का बजट संभव
जानकारी के अनुसार इस बार राज्य सरकार करीब 4.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत कर सकती है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा इस बार भी बजट पेश करेंगे। सरकार की कोशिश रहेगी कि आय बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए कुछ नए प्रस्ताव शामिल किए जाएं। वहीं, विधानसभा के आगामी बजट सत्र से एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब विधायकों को अपने चारपहिया वाहनों के लिए हर सत्र में अलग-अलग पास बनवाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें एक बार में पूरे साल के लिए पार्किंग पास जारी किया जाएगा। विधानसभा सचिवालय ने सुरक्षा और व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विधायकों को बार-बार पास बनवाने की झंझट से राहत मिलेगी। सुरक्षा के लिहाज से भी कुछ बदलाव किए गए हैं। मंत्रियों के अंगरक्षकों को विधानसभा भवन के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, प्रत्येक विधायक के साथ केवल एक निजी सहायक और एक वाहन चालक को ही परिसर में आने की अनुमति दी जाएगी। दर्शक दीर्घा में भी सीमित लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। विधायकों की अनुशंसा पर चुनिंदा व्यक्तियों को निर्धारित समय के लिए प्रवेश पास उपलब्ध कराया जाएगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी व्यक्ति को विधानसभा परिसर या भवन में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विधानसभा सचिवालय का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सत्र के दौरान बेहतर प्रबंधन और सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
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