सैन्य छावनी के आर्मी वॉर कॉलेज क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व तेंदुए के देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी गई थी। इसके बाद विभाग द्वारा से क्षेत्र में कैमरे लगा दिए गए थे, जहां गुरुवार को कैमरा देखा गया तो उसमें तेंदुआ जाता हुआ दिखाई दिया।                

आर्मी वॉर कॉलेज महू भारतीय सेना का एक प्रमुख प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान है, जो मध्य प्रदेश के महू में स्थित है। यहां पर सेना के अधिकारियों को युद्ध की रणनीति और आधुनिक सैन्य सिद्धांतों में प्रशिक्षित किया जाता है। यह क्षेत्र बेरछा रेंज के जंगल के समीप स्थित है, जहां घने पेड़ कटीली झाड़ियां लगी है। जहां पूर्व में तेंदुए को देखा गया था। इसके बाद से ही सैन्य अधिकारियों ने  वन विभाग को सूचित किया था, जिसके बाद यहां पर विभाग द्वारा दो कैमरे लगा दिए गए थे। 

वन परिक्षेत्र महू के रेंजर नयन पल्लवी ने बताया कि आर्मी वॉर कॉलेज क्षेत्र में लगाए गए कैमरे को देखा गया तो उसमें तेंदुआ जाता हुआ दिखाई दिया। उसके बाद आर्मी वॉर कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दिया गया, वहीं शुक्रवार को क्षेत्र में विभाग द्वारा पिंजरा लगाया जाएगा। 

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सैन्य क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई

तेंदुए के मूवमेंट को देखते हुए आर्मी वॉर कॉलेज क्षेत्र में सेवा द्वारा अपने प्रशिक्षित दल की तैनाती कर दी गई है। क्षेत्र निवारण सूरत सैनिक कर्मियों को भी सचेत रहने की बात कही गई है। वन विभाग के अनुसार वन्य प्राणी जनगणना में महू के मानपुर एवं  चोरल के जंगलों में गत दो वर्षों में तेंदुए की संख्या बढ़ी हैं। विभाग के अनुसार 50 से अधिक नर्-मादा तेंदुए क्षेत्र में विचरण करते हैं। शिकार एवं पानी की तलाश में आबादी क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। एक माह पूर्व ही एक घायल मादा तेंदुआ एवं दो बच्चों का रेस्क्यू किया गया था, जिन्हें बाद में चिड़ियाघर इंदौर पहुंचा दिया गया।

इस मामले में एसडीओ वन विभाग महू प्रियंका बामनिया ने बताया कि तेंदुए की अनेक जगह मूवमेंट मिलते हैं। दो दिन पूर्व बेरछा गांव में दो तेंदुए देखे गए थे। इसके चलते सभी जगह ग्रामीणों को अलर्ट रहने के साथ रात्रि के समय जंगल में नहीं जाने की सलाह दी गई है। 



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