इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मंगलवार को शहर के प्रतिष्ठित एसजीएसआईटीएस कॉलेज के पास घेराबंदी करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा है। पकड़े गए युवकों के पास से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने इस पूरी कार्रवाई के बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि विभाग को लगातार शहर में मादक पदार्थों की सप्लाई की खबरें मिल रही थीं। इसी दौरान मुखबिर के माध्यम से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई कि कॉलेज परिसर के पास दो संदिग्ध युवक नशे की खेप पहुंचाने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और एसजीएसआईटीएस कॉलेज के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय के समीप जाल बिछाया गया।
पुलिस को देख भागने की कोशिश
जब क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची तो वहां दो युवक खड़े दिखाई दिए। पुलिस को अपनी ओर आता देख दोनों आरोपियों ने वहां से भागने का प्रयास किया। हालांकि सतर्क पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए उन्हें भागने का मौका नहीं दिया और दोनों को हिरासत में ले लिया। जब उनकी व्यक्तिगत तलाशी ली गई तो उनके पास से कुल 10.46 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त की गई ब्राउन शुगर की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 10 हजार रुपए आंकी जा रही है।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम सौरभ सोनकर और गौरव मालवीय बताया है। ये दोनों ही इंदौर के पालदा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सौरभ केवल 11वीं तक पढ़ा है और मजदूरी का काम करता है, जबकि गौरव स्नातक पास है और गाड़ी चलाने का काम करता है।
अधिक मुनाफे का लालच पड़ा भारी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जल्द से जल्द अधिक पैसा कमाना चाहते थे और इसी लालच में आकर वे अवैध नशे के कारोबार में उतर गए। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह नशा कहां से लाया गया था और शहर के किन-किन इलाकों या व्यक्तियों को इसकी सप्लाई की जानी थी।
