प्रदेश में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग शिव शेखर शुक्ला ने की। शुक्ला ने इसमें कहा कि नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी अमल विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी मजबूती से ही किया जा सकता है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में लागू किए जा रहे नवीन आपराधिक कानूनों की प्रगति की समीक्षा करना और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना रहा। इस दौरान अधिकारियों ने कानूनों के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। समीक्षा बैठक में आपराधिक न्याय प्रणाली, फॉरेंसिक सेवाओं को सुदृढ़ करने, जेल प्रबंधन, साइबर अपराध नियंत्रण, आतंकवाद निरोध, मादक पदार्थ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और पुलिस आधुनिकीकरण जैसे अहम विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
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गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
बैठक में भारत सरकार, गृह मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा–2) निष्ठा तिवारी एवं संयुक्त निदेशक अमृता डेस विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अतिथियों का औपचारिक स्वागत पुलिस महानिरीक्षक एवं सचिव, गृह विभाग कृष्णावेणी देशावतु द्वारा किया गया। समीक्षा बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विधि एवं विधायी कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, लोक अभियोजन, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी सहभागिता की। अधिकारियों ने राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
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