मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने के लिए खास पहल की। राजधानी भोपाल स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल के हॉस्टल पहुंचे मुख्यमंत्री ने यहां रह रहे छात्रों से सीधा संवाद किया, उनके साथ भोजन किया और परीक्षा को लेकर जरूरी टिप्स दिए। सीएम ने छात्रों से एक अभिभावक की तरह बात करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का सिर्फ एक पड़ाव है, इससे डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि शांत मन से पढ़ाई करें, समय का सही प्रबंधन करें और खुद पर भरोसा रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मविश्वास ही परीक्षा में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
हम भी मेडिकल की तैयारी कर रहे थे, रास्ता बदल गया
संवाद के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब आप मेडिकल की तैयारी कर रहे थे तो फिर मुख्यमंत्री कैसे बन गए? इस पर डॉ. मोहन यादव ने मुस्कराते हुए कहा कि वे भी डॉक्टर बनने की तैयारी में थे, लेकिन कॉलेज के दौरान छात्र राजनीति में उतरे, चुनाव लड़ा और जीत गए। यहीं से जीवन की दिशा बदल गई। सीएम ने छात्रों से कहा कि अगर किसी परीक्षा में असफलता मिल भी जाए, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। जीवन में कई रास्ते खुले रहते हैं, जरूरी है कि मेहनत और लगन कभी न छोड़ी जाए।
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छात्रों को मिला परीक्षा बूस्टर
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद छात्रों ने बताया कि इस संवाद से उनका डर कम हुआ और आत्मविश्वास बढ़ा। छात्रों ने कहा कि परीक्षा से पहले मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन उन्हें मानसिक रूप से मजबूत कर गया और अब वे बिना घबराहट के परीक्षा देने जाएंगे।
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शिक्षा के साथ संवेदनशील संदेश
बोर्ड परीक्षाओं से पहले मुख्यमंत्री का यह कदम केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। परीक्षा से पहले मुख्यमंत्री का यह संवाद छात्रों के लिए एक मजबूत मनोवैज्ञानिक सपोर्ट बनकर सामने आया है। प्रदेश में मंगलवार से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और मुख्यमंत्री का यह संदेश लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है।
