मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर असंतोष खुलकर सामने आया है। वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक चयन परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में जोरदार रैली निकाली और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) व जनजातीय कार्य विभाग (TRIBAL) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन परीक्षा पास करने के बावजूद लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया अटकी हुई है। बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी पद वृद्धि और काउंसलिंग को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, जिससे छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
हजारों पद खाली, फिर भी नियुक्ति नहीं
अभ्यर्थियों ने सरकार के ही आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के करीब 99 हजार और प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 1.31 लाख पद खाली हैं। वहीं जनजातीय कार्य विभाग में भी हजारों पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती सीमित पदों पर ही की जा रही है।
यह भी पढ़ें-MP में सर्दी का आखिरी दौर, दो दिन और रहेगा असर, फिर लौटेगी गर्माहट, कटनी-शहडोल सबसे ठंडे
क्या हैं प्रमुख मांगें
– वर्ग-2 शिक्षक भर्ती में सभी विषयों में कम से कम 3-3 हजार पद बढ़ाए जाएं और दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू हो।
– वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार की जाए।
– शिक्षक भर्ती 2025 को पद वृद्धि के साथ पूरा किया जाए और सफल अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दी जाए।
यह भी पढ़ें-कांग्रेस का निगम दफ्तर पर जोरदार प्रदर्शन, महापौर-एमआईसी पर लापरवाही के आरोप,रावण रूपी पुतला दहन
आंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने साफ किया कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा, लेकिन जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन आंदोलन और भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।प्रदर्शन के दौरान DPI कार्यालय के बाहर नारेबाजी हुई और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में देरी का सीधा असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है, जिसे मजबूत करने के लिए जल्द निर्णय जरूरी है।
