केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस समझौते में भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेती को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी कृषि या डेयरी उत्पाद इस समझौते में शामिल नहीं है और सभी संवेदनशील वस्तुओं को पूरी तरह बाहर रखा गया है।

पत्रकार वार्ता में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) कृषि उत्पादों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला भारतीय कृषि की शुद्धता, मिट्टी और बीजों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित और किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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कृषि मंत्री ने बताया कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, दालें, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। इसके अलावा छिलका रहित अनाज, आटा, आलू, प्याज, सब्जियां, फ्रोजन फूड, फल और डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगी। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादों जैसे दूध, दूध पाउडर, दही, मक्खन, घी, पनीर और चीज़ को भी भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा, जिससे किसान परिवारों की आजीविका पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। मसालों के मामले में भी काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, हल्दी, जीरा, धनिया, अदरक सहित लगभग सभी प्रमुख भारतीय मसालों को समझौते से बाहर रखा गया है।

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शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष बेवजह हो-हल्ला मचा रहा था कि खेती बर्बाद हो जाएगी, लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय किसानों की ताकत वाले सभी प्रमुख उत्पाद सुरक्षित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने यह साबित कर दिया है कि देश और किसानों के हितों पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।



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