घटना से आक्रोशित व्यापारियों और महिलाओं ने मौके पर जमकर हंगामा किया और चक्काजाम का प्रयास भी किया। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को अतिक्रमण हटाने का अधिकार है, लेकिन किसी गरीब की रोजी-रोटी छीनकर उन पर हाथ उठाना सरासर गुंडागर्दी है। मारपीट की इस घटना के बाद पुलिस ने गैंग प्रभारी की शिकायत पर तीन व्यापारियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। यानी बात साफ है निगम ने व्यापारियों की गुमटी भी जप्त कर ली व्यापारियों ने भी मारपीट की और प्रकरण भी दर्ज करवा दिया।
यह है पूरा मामला
घटनानुसार शुक्रवार को हरिसिद्धि मंदिर के पीछे हाथ ठेला व्यापारी महिलाओं के साथ अपने जब्त ठेले छुड़वाने के लिए आगर रोड स्थित निगम कार्यालय पहुंचे। उन्हें निगम के गैंग प्रभारी मोहन थनवार और अन्य साथियों ने समझाईश दी कि निगम कमिश्नर के आदेश पर ही ठेले छूट पाएंगे, लेकिन वह तुरंत ठेले छोड़ने पर अड़ गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर थनवार ने व्यापारी को पीट दिया। बीच सड़क पर विवाद के कारण काफी भीड़ एकत्रित हो गई थी। वहीं, घटना से महिला और अन्य व्यापारियों भड़क गए ओर चक्काजाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप पर वह सफल नहीं हो पाए। इस दौरान कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिसमें तू तू मैं मैं के बाद गेंग प्रभारी व्यापारी को पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
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यह बोले गैंग प्रभारी
नगर निगम के गेंग प्रभारी मोहन थनवार ने बताया कि नगर निगम कमिश्नर के आदेश पर झालरिया मठ के पास कार्रवाई करते हुए कुछ अवैध ठेले जब्त किए थे। ये ठेले फायर ब्रिगेड परिसर में रखे गए थे। आज संजय चौहान, कालू चौहान और अर्जुन कहार अपने साथ कुछ महिलाओं को लेकर आये और ठेले छोड़ने की बात कही। उन्हें समझाया कि कमिश्नर के आदेश पर ही ये छूट पाएंगे, लेकिन वो जबरदस्ती करने लगे जब हमने उन्हें रोका तो मारपीट पर उतारू हो गए और गाली-गलौज करने लगे। संजय, कालू और अर्जुन के खिलाफ मामला कोतवाली थाने में दर्ज कराया गया है। इन लोगों के खिलाफ मारपीट, एट्रोसिटी एक्ट और सरकारी कार्य में बाधा के मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है।
