मध्य प्रदेश में ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों की व्यवस्था इसलिए शुरू की गई थी ताकि वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में पारदर्शिता रहे और आवेदकों के स …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 06 Feb 2026 08:27:08 AM (IST)Updated Date: Fri, 06 Feb 2026 09:30:24 AM (IST)

मध्य प्रदेश में अब ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों की मिल रही शिकायतें, अवैध वसूली पर हो रही कार्रवाई
ग्वालियर में स्थित फिटनेस सेंटर। फाइल फोटो

HighLights

  1. फिटनेस सेंटरों पर वसूली के मामले लगातार सामने आए हैं
  2. ग्वालियर में एक माह के लिए फिटनेस सेंटर को निलंबित किया
  3. एक ही चेसिस नंबर पर छह गाड़ियों को दिए फिटनेस सर्टिफिकेट

वरुण शर्मा, नईदुनिया, ग्वालियर। मध्य प्रदेश में जिस तरह चेकपोस्टों पर अवैध वसूली के कारण पूरे परिवहन विभाग की छवि खराब हुई थी, अब ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर भी उसी राह पर हैं। विभिन्न जिलों में फिटनेस सेंटरों पर वसूली के मामले लगातार सामने आए हैं। कई मामलों में तो परिवहन विभाग को इन्हें अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ा।

पहले फिटनेस जांच क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों पर होती थी तब भी वसूली की शिकायतें मिलती थीं। अब निजी हाथों में व्यवस्था देने के बाद भी यही हाल है। ग्वालियर में हाल ही में वाहन की फिटनेस देने के बदले रिश्वत मांगे जाने का मामला सामने आया, इसके बाद एक माह के लिए फिटनेस सेंटर को निलंबित कर दिया गया। इसी तरह इंदौर, भोपाल, जबलपुर में भी अवैध वसूली की शिकायतें आईं और इनकी सेवाएं निलंबित भी की गईं।

विभाग की ओर से कोई नहीं रहता

बता दें, इंदौर में चार, भोपाल में तीन, ग्वालियर में दो और जबलपुर में एक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर है। इसके अलावा और भी स्थानों पर नए खुल रहे हैं। परिवहन विभाग के पास भी मौजूदा स्थिति में इसका कोई हल नहीं है क्योंकि सेंटरों पर विभाग की ओर से कोई नहीं रहता है।

प्रदेश में ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों की व्यवस्था इसलिए शुरू की गई थी ताकि वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में पारदर्शिता रहे और आवेदकों के साथ किसी तरह की मनमानी न हो। इसके साथ ही वे दलाल तंत्र से मुक्त रहें। नई व्यवस्था में उलटा ही हो रहा है। प्रदेश में अधिकतर फिटनेस सेंटरों की शिकायतें मिल रही हैं। परिवहन विभाग ने इनकी सेवाएं निलंबित कर सख्ती करने की कोशिश की है।

रिश्वत की मांग

ग्वालियर के एक फिटनेस सेंटर पर रिश्वत मांगे जाने का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें ट्रक की फिटनेस के बदले 3000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। वीडियो में एजेंट कह रहा है कि सेंटर में रिश्वत देनी पड़ती है नहीं दोगे तो फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिल पाएगा।

परिवहन विभाग ने इस पर जांच शुरू की तो कई त्रुटियां सामने आईं। एक ही चेसिस नंबर पर छह गाड़ियों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होने का मामला भी पकड़ा गया। इसी तरह दूसरे शहरों में भी रिश्वत के मामले सामने आ चुके हैं।

यहां- इतने फिटनेस सेंटर

  • ग्वालियर- दो
  • इंदौर- चार
  • भोपाल- तीन
  • जबलपुर- एक

(प्रदेश में मनाली और वैदांती कंपनी के फिटनेस सेंटर हैं।)

फिटनेस सेंटरों की हो रही जांच

ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों की जांच लगातार की जाती है। ग्वालियर के वैदांती फिटनेस सेंटर पर अवैध वसूली व अन्य शिकायतों को लेकर 23 फरवरी तक निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच की जा रही है। – किरण कुमार, उपायुक्त, परिवहन विभाग



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