यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज ने गुरुवार को मुरैना बंद का ऐलान किया था, इसी के चलते आज मुरैना शहर के सभी प्रतिष्ठान बंद नजर आए। शादियां होने के कारण शाम को बाजार खोलने के लिए आंदोलन कर्ताओं और प्रशासन के बीच सहमति बुधवार को हुए बैठक में बन गई थी।

सवर्ण समाज की ओर से आज यूजीसी कानून का विरोध करते हुए मुरैना शहर का बाजार बंद कराया। सदर बाजार, हनुमान चौराहा, मिर्च बजरिया, मार्कण्डेश्वर बाजार, एम एस रोड, सिकरवारी बाजार, तेलीपाड़ा, नाला नंबर एक सभी मुख्य बाजार पूर्ण रूप से बंद दिखे। व्यापारियों ने भी इस बंद में खुल कर सहयोग करते हुए बाजार को बंद रखा।

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सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी कानून का विरोध करते हुए बाजार बंद की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन ने बुधवार को आंदोलन कर्ताओं से बैठक की थी। सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार यूजीसी कानून के विरोध में मुरैना शहर बंद कराया गया है। इस पर 200 पुलिस जवान अधिकारी शहर में चप्पे-चप्पे पर मौजूद है। बज्र रिजर्व फोर्स किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है।

सवर्ण समाज सदस्य और ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दंडोतिया ने बताया कि यूजीसी कानून के विरोध में सांकेतिक बंद है, सभी व्यापारियों का सहयोग मिल रहा है। स्वेच्छा से बंद में शामिल हैं। बुधवार को जिला प्रशासन की बैठक में भी हमसे और प्रशासनिक अधिकारियों से बहस हुई थी, लेकिन हम अपनी बात पर अड़े थे।



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