प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए अच्छी खबर है। पिछले कई महीनों से आशा लगाए बैठे इन कार्यकर्ताओं को अब कभी भी खुश खबर मिल सकती है। दरअसल, मुख्यमंत्री बुधवार और गुरुवार को दो दिन के दिल्ली में रहे। इस दौरान उनकी सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा हुई और पता चला है लंबे समय से अटकी पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी थे। दोनों नेताओं ने भोपाल से लेकर बनाई गई सूची के संबंध में वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर निगम–मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में पदाधिकारी के नाम लगभग फाइनल कर लिए हैं। पता चला है कि इन नामों को लेकर संघ से भी सहमति ले ली गई है। अब कभी भी घोषणा हो सकती है।

कौन होगा हितानंद का उत्तराधिकारी!

प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में वापसी हो गई है। प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा है कि हितानंद शर्मा का उत्तराधिकारी कौन होगा? जो नाम अभी दौड़ में आगे दिखाई दे रहा है, वह विमल गुप्ता का है। गुप्ता अभी मध्य भारत क्षेत्र के प्रांत प्रचारक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जो अन्य नाम चर्चा में हैं, उनमें विद्या भारती के प्रांत संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी, मालवा क्षेत्र के प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह और अनिल अग्रवाल, प्रबंधक भारत भारती बैतूल के नाम शामिल हैं। यह तो आने वाला समय बताएगा कि इन चारों में से कोई राज्य भाजपा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगा या कोई और नया नाम सामने आएगा।

कलेक्टरों की तबादला सूची जल्द

15 फरवरी के बाद प्रदेश में एक दर्जन कलेक्टरों की तबादला सूची आने की चर्चा मंत्रालय के गलियारों में चल रही है। दरअसल, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण का कार्य 15 फरवरी तक पूर्ण होना है। तब तक आयोग ने कलेक्टरों के तबादलों पर प्रतिबंध लगा रखा है इसीलिए कलेक्टरों के तबादले नहीं हो रहे हैं। जैसे ही यह समय सीमा खत्म होगी, कलेक्टरों के तबादले की एक सूची जारी हो सकती है। भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सुपर टाइम स्केल में पहुंच चुके हैं और उनकी पदस्थापना उसी के अनुसार होना है। वे मुख्यमंत्री के निकट अधिकारी माने जाते हैं, वैसे भी उनकी गिनती परिणाम देने वाले अधिकारियों में होती है, इसलिए उन्हें महत्वपूर्ण पद मिल सकता है। धार और रीवा के कलेक्टर शिवराज सरकार के समय से पदस्थ हैं। उनका भी तबादला निश्चित माना जा रहा है। हाल ही में किन्हीं कारणों से विवाद में आए कुछ कलेक्टरों के नाम भी इस सूची में आ सकते हैं।

पूर्व एसपी की सियासी पारी की तैयारी

बड़वानी के एसपी रहे जगदीश डाबर के सेवानिवृत्त होने के बाद जिले में और उनके गृह क्षेत्र निवाली में पहुंचने पर जिस तरह स्वागत-सत्कार हुआ, उससे आभास होता है कि वे अब राजनीतिक पारी शुरू कर सकते हैं। सोशल मीडिया से लेकर बड़वानी जिला मुख्यालय पर उनके रिटायरमेंट के दिन झंडे, बैनर, पोस्टर, स्वागत द्वारों से उनका स्वागत हुआ। आदिवासी वाद्य यंत्र और पारंपरिक नृत्य उनके सम्मान में रखे गए थे। डाबर की जन्मस्थली बड़वानी जिले का निवाली क्षेत्र रहा है। उन्होंने जिले के सेंधवा से कॉलेज की पढ़ाई की है। ऐसे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा रही की पैदाइशी वाले जिले में शायद सरकार ने सेवानिवृत्ति के एक साल पहले इसलिए पोस्टिंग कर दी ताकि वह अपनी जमावट पहले से ही कर सकें। यह माना जा रहा है कि वे भाजपा ही ज्वाइन करेंगे। 

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