MP News: कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का एंटी-डोज न लगवाना एक महिला की जान पर भारी पड़ गया। गिरवाई थाना क्षेत्र की दाने की बगिया निवासी किरन की बुधवार …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 01:17:52 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 01:17:52 PM (IST)

ग्वालियर में कुत्ते के काटने से महिला की मौत, रेबीज एंटीडोज न लगवाना पड़ा भारी, एक महीने बाद गई जान
ग्वालियर में कुत्ते के काटने से महिला की मौत।

HighLights

  1. ग्वालियर में कुत्ते के काटने से महिला की मौत।
  2. रेबीज एंटीडोज न लगवाना पड़ा भारी।
  3. डॉग बाइट पर इलाज में लापरवाही का आरोप।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का एंटी-डोज न लगवाना एक महिला की जान पर भारी पड़ गया। गिरवाई थाना क्षेत्र की दाने की बगिया निवासी किरन की बुधवार को हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन विभाग में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को एक माह पहले आवारा कुत्ते ने काटा था, लेकिन समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लग पाई थी।

विशेषज्ञ बताते हैं कि महिला को घाव के पास लगने वाला रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन नहीं लग पाया था। इसलिए हाइड्रोफोबिया संक्रमण का खतरा बढ़ा। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे गंभीर हालत में स्वजन महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। प्रारंभिक तौर पर पीएसएम विभाग में उसे रेबीज वैक्सीन का एक डोज दिया गया, लेकिन तब तक बीमारी गंभीर रूप ले चुकी थी।

महिला में हाइड्रोफोबिया (पानी और हवा से डर) के लक्षण स्पष्ट हो गए थे। स्वजन ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद किरन को सिंधी कॉलोनी स्थित एक डाक्टर के पास ले जाया गया था। वहां उसे टिटनेस का इंजेक्शन लगाया और यह कहकर भेज दिया कि रेबीज डोज लगाने की जरूरत नहीं है। स्वजन का कहना है कि यही लापरवाही किरन की मौत का कारण बनी।

मृतका के बेटे कपिल ने बताया कि मां की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई। उनके पैर काम करना बंद हो गए थे और वे पानी व हवा से डरने लगी थीं। अस्पताल में भर्ती के दौरान वे लगातार तड़प रही थीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। स्वजन नगर निगम और आरएमपी डाक्टर दोनों की लापरवाही को इस मौत का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

मृतका किरन

बढ़ते डाग बाइट के मामले ग्वालियर में डाग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार रोजाना करीब 200 मामले सामने आ रहे हैं। इनमें अधिकांश आवारा कुत्तों के काटने से संबंधित हैं। हजार बिस्तर अस्पताल, जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल हजीरा में एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को हजार बिस्तर अस्पताल में 84 डाग बाइट के केस दर्ज किए गए।

टीकमगढ़ की महिला में भी हाइड्रोफोबिया के लक्षण इसी बीच टीकमगढ़ निवासी 65 वर्षीय सेवई पत्नी किट्टू को बुधवार सुबह हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया। डॉ. अजय पाल सिंह ने बताया कि महिला को सियार ने काटा था और उसमें भी हाइड्रोफोबिया के लक्षण पाए गए हैं।

कुत्ते के काटने पर कभी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए और बिना देर किए एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। चाहे कुत्ता पालतू हो या आवारा, घरेलू उपाय जैसे हल्दी या मिर्च बिल्कुल न लगाएं और 24 घंटे के भीतर चिकित्सकीय सहायता जरूर लें। – डॉ. अजय पाल सिंह – मेडिसिन विशेषज्ञ, जेएएच।



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