मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सरकार अब ज्यादा दिन की मेहमान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार करीब एक हजार दिन में सत्ता से बाहर हो जाएगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि मोहन कैबिनेट में ऐसे तीन मंत्री हैं, जिन पर गंभीर आरोप हैं और जिन्हें तत्काल पद छोड़ देना चाहिए।

दूषित पानी मामले में जवाबदेही तय नहीं की गई

मीडिया से बातचीत में पटवारी ने कहा कि मंत्री विजय शाह पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी आ चुकी है, ऐसे में उनका मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को छिंदवाड़ा के कफ सिरप मामले से जोड़ते हुए कहा कि 26 मौतों के जिम्मेदार व्यक्ति को मंत्री पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। वहीं नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके शहर में दूषित पानी से 32 लोगों की मौत हुई, इसके बावजूद उनसे कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए पटवारी ने कहा कि सिर्फ तालियों और अभिनंदन से सरकार नहीं चलाई जा सकती। मुख्यमंत्री को पद की मर्यादा का पालन करते हुए तीनों मंत्रियों से इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस पार्टी की औपचारिक मांग है।

भारत-अमेरिका डील पर भी साधा निशाना

जीतू पटवारी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हुई डील को किसानों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। पटवारी के मुताबिक इस समझौते के बाद अमेरिकी उत्पाद भारत आएंगे, जबकि भारतीय कृषि उत्पादों पर अमेरिका में ज्यादा टैरिफ लगेगा। कांग्रेस इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी।

यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में मौसम का यू-टर्न, 20 जिलों में कोहरा, 5 फरवरी से नया सिस्टम देगा दस्तक

कर्ज के बोझ में डूबता मध्य प्रदेश

पटवारी ने आरोप लगाया कि कर्ज लेने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी पीछे छोड़ दिया है। उनके अनुसार चालू वित्त वर्ष में अब तक 78 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है, यानी हर दिन औसतन 213 करोड़ रुपए। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ एक दिन में 5200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। पटवारी ने कहा कि विकास के नाम पर बजट को जानबूझकर फुलाया जा रहा है ताकि ज्यादा कर्ज लिया जा सके। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार अब आम जनता से कर्ज ले रही है और संपत्तियां बेचने की तैयारी में है। 13 सरकारी संपत्तियों को जल्द बेचने का आरोप भी उन्होंने लगाया।

यह भी पढ़ें-27% ओबीसी आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट में फिर होगी सुनवाई, पिछली तारीख पर नहीं पहुंचे थे वकील

श्वेत पत्र और विशेषज्ञ समिति की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे और अर्थशास्त्रियों की एक समिति गठित की जाए, जिसमें नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी शामिल किया जाए। पटवारी ने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश तेजी से आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और सरकार किसानों व लाड़ली बहनों से किए गए वादे पूरे करने में असफल हो रही है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *