लव जिहाद के लिए फंडिंग के मामले में आरोपी बने पूर्व पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत को पांच माह बाद जेल से जमानत पर छूटा है। कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। 29 अगस्त को कादरी 29 अगस्त को जिला कोर्ट में पेश हुआ था पहले उसने जिला कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई थी, लेकिन उसकी जमानत मंजूर नहीं हो पाई थी। इसके बाद कादरी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जिसे मंजूर कर लिया गया।
कादरी पर पिछले साल जून माह में बाणगंगा थाने पर लव जिहाद के लिए फंडिंग करने का केस दर्ज हुआ था। उसने दो युवकों को दो लाख हिन्दू युवती को प्रेमजाल में फंसाने और उससे विवाह करने के लिए दिए थे। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो उन्होंने अनवर का नाम भी बताया था। इसके बाद पुलिस ने अनवर को भी आरोपी बनाया, लेकिन गिरफ्तारी से पहले वह फरार हो गया था।
55 दिन उसने महाराष्ट्र, नेपाल, कर्नाटक में फरारी काटी थी। इसके बाद 29 अगस्त को जिला कोर्ट में पेश हुआ था। उस पर पुलिस ने 40 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। अनवर ने दिल्ली में रहने वाली अपनी बेटी आयशा के जरिए भी जमानत याचिका लगाने की कोशिश की थी। वह दिल्ली में भी छुपा था। इस मामले में पुलिस ने उसकी बेटी आयशा पर भी केस दर्ज किया था और उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था, हालांकि उसकी जमानत हो गई।
पार्षदी हो चुकी है समाप्त
अनवर कादरी पिता मोहम्मद असलम कादरी उर्फ अनवर पर इंदौर के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा महाकाल उज्जैन थाना में भी भादवि के तहत 392 का प्रकरण पंजीबद्ध है। इसके अलावा इंदौर नगर के संयोगितागंज थाने में 7 प्रकरण, सदर बाजार थाने में 4, खजराना में 3, बाणगंगा में 2, चंदन नगर थाने में 2, जूनी इंदौर, सराफा, छोटी ग्वालटोली और एमजी रोड थाने में विभिन्न धाराओं में 1-1 प्रकरण पंजीबद्ध है। इसे आधार बनाते हुए नगर निगम परिषद ने उसे पार्षद पद के अयोग्य माना और उसकी पार्षद पद से हटा दिया गया।
