मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया। इन बैठकों में एक ओर धान-गेहूं खरीदी और किसानों के हितों पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर कपड़ा उद्योग से जुड़े लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय का आग्रह किया गया।

धान-गेहूं खरीदी पर केंद्र से सहयोग की मांग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसद भवन परिसर में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की। बैठक में राज्य के किसानों के लिए धान और गेहूं की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी, उपार्जन प्रक्रिया की सुचारु व्यवस्था और इससे जुड़े प्रशासनिक व वित्तीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

केंद्र सरकार का सहयोग आवश्यक

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिलना चाहिए और खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए केंद्र सरकार का सहयोग आवश्यक है। बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पूर्व में राज्य सरकार ने धान-गेहूं उपार्जन को लेकर वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए केंद्र से सीधी खरीदी व्यवस्था पर विचार करने की मांग की थी। बैठक में वरिष्ठ केंद्र और राज्य अधिकारी भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने आगामी खरीदी सत्र के लिए बेहतर रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने पर सहमति जताई।

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कपड़ा उद्योग को गति देने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग भवन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इस दौरान मध्य प्रदेश से जुड़े वस्त्र विभाग के लंबित प्रस्तावों, नीतिगत अड़चनों और निवेश से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हित में लंबित मामलों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। बैठक में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव सहित मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। माना जा रहा है कि इस बैठक से प्रदेश के कपड़ा उद्योग, टेक्सटाइल पार्क और निवेश से जुड़े मामलों को गति मिलेगी।

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8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में पर्यटन विकास, वन्यजीव संरक्षण और रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे, और केंद्रीय मंत्रालय इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगा। इसके अलावा, असम से जंगली भैंसे भी मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली प्रवास के दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की है।

विकास और निवेश पर केंद्रित रणनीति

दिल्ली में हुई इन बैठकों को मुख्यमंत्री की सक्रिय पहल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का फोकस एक ओर किसानों को मजबूत आर्थिक सुरक्षा देने पर है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर। आने वाले समय में इन बैठकों के ठोस नतीजे सामने आने की उम्मीद है।



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