नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की युगलपीठ ने भारतीय सेना में भर्ती से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पहले खारिज की गई याचिका को दोबारा सुनवाई के लिए बहाल कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि सेना भर्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई सशस्त्र बल अधिकरण (आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल) में नहीं, बल्कि हाई कोर्ट में की जा सकती है। यह निर्णय न्यायमूर्ति आनंद पाठक व न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की युगलपीठ ने पारित किया।

यह था मामला:

याचिकाकर्ता विक्रम सिंह गुर्जर ने भारतीय सेना में भर्ती से संबंधित अपने मामले को लेकर हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। हालांकि एकलपीठ ने 12 दिसंबर 2019 को यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि यह मामला सेना भर्ती से जुड़ा है और इसकी सुनवाई सशस्त्र बल अधिकरण में होनी चाहिए।

हाई कोर्ट की युगलपीठ में रिट अपील दायर की

इस आदेश के खिलाफ विक्रम सिंह गुर्जर ने हाई कोर्ट की युगलपीठ में रिट अपील दायर की। अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुरुषोत्तम शर्मा ने कोर्ट को बताया कि सशस्त्र बल अधिकरण की पूर्ण पीठ (फुल बेंच), नई दिल्ली ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि सेना में भर्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई अधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

उन्होंने सशस्त्र बल अधिकरण के प्रमुख फैसले (कप्तान सिंह बनाम भारत संघ एवं अन्य) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि भर्ती की प्रक्रिया उस समय की होती है जब उम्मीदवार सेना अधिनियम के अधीन नहीं होता, इसलिए ऐसे विवाद अधिकरण में नहीं सुने जा सकते।

मामला अभी तक गुण-दोष के आधार पर तय नहीं हुआ

वहीं भारत संघ की ओर से उप सालिसिटर जनरल प्रवीण कुमार निवास्कर ने यह स्वीकार किया कि सशस्त्र बल अधिकरण की पूर्ण पीठ द्वारा ऐसा आदेश पारित किया गया है और मामला अभी तक गुण-दोष के आधार पर तय नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें- पेंशनर्स को बड़ी राहत, रिकवरी के नाम पर नहीं रुकेगी पेंशन, हाई कोर्ट ने कहा- वसूली की है तो 6% ब्याज के साथ लौटाएं

रिट याचिका का निपटारा जल्दी किया जाना चाहिए

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पूर्ण पीठ के फैसले को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि पहले पारित आदेश अब प्रभावहीन हो गया है। इसलिए 12 दिसंबर 2019 का आदेश रद किया जाता है।

कोर्ट ने याचिका को उसके मूल क्रमांक पर बहाल करते हुए निर्देश दिए कि अब मामले की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर की जाए।चूंकि मामला सेना भर्ती से जुड़ा है और काफी समय बीत चुका है, इसलिए रिट याचिका का निपटारा जल्दी किया जाना चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *