भोपाल में 26.5 टन गोमांस मिलने के मामले को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को शीतलदास की बगिया में हिंदू संगठनों ने धार्मिक और सामाजिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम का प्रतीकात्मक पिंडदान किया गया और करीब 30 युवकों ने सामूहिक मुंडन कराकर अपना आक्रोश जाहिर किया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम गोमाता की आत्मा की शांति और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग के लिए किया गया। कार्यक्रम के दौरान लगातार नारेबाजी होती रही और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई।
कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
जय मां भवानी हिंदू संगठन के अध्यक्ष भानु हिंदू ने कहा कि इस मामले में नामजद आरोपियों असलम और शोएब के साथ-साथ उन सभी सरकारी और नगर निगम कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी भूमिका जांच में सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक की कार्रवाई केवल दिखावटी है और जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ अवैध गोमांस का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संरक्षण का भी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि घटना को एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे जनभावनाएं आहत हुई हैं और लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भानु हिंदू ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक अपनी मांगें पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि 17 दिसंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय परिसर के पास गोमांस से भरा एक कंटेनर पकड़ा गया था। जांच में करीब 26.5 टन गोमांस बरामद होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
