Union Budget 2026: बजट 2026-27 में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड और 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की घोषणा की …और पढ़ें

HighLights
- क्लस्टर विकास और आधुनिक तकनीक
- कारर्पोरेट मित्र और आसान कंप्लायंस
- क्रेडिट गारंटी और वर्किंग कैपिटल की सुगमता
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 ने ग्वालियर के औद्योगिक परिदृश्य, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए उम्मीदों की नई खिड़की खोल दी है।
बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड और 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की घोषणा की गई है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर ग्वालियर के लोहा उद्योग, हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स पर पड़ने वाला है। ग्वालियर के लघु उद्योगों के लिए भी यह ग्रोथ बूस्टर साबित हो सकता है।
क्लस्टर विकास और आधुनिक तकनीक
ग्वालियर में कई लेगेसी औद्योगिक क्षेत्र हैं, जैसे तानसेन नगर और महाराजपुरा। बजट में 200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टरों को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव है। ऐसे में पारंपरिक उद्योगों को नई मशीनरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र से वित्तीय मदद मिलेगी।
कारर्पोरेट मित्र और आसान कंप्लायंस
क्रेडिट गारंटी और वर्किंग कैपिटल की सुगमता
उद्योग और व्यापार को नई दिशा देने वाला बजट
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12.2 लाख करोड़ रुपये का रिकार्ड पूंजीगत व्यय और नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिलेगा।
प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कामर्स।
ग्वालियर के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड एक लाइफलाइन साबित होगा। विशेष रूप से अंचल की छोटी व फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी छोटी इकाइयों को इससे पंख मिलेंगे। साथ ही एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी और टीआरइडीएस प्लेटफार्म का विस्तार व्यापारिक जगत की तरलता की समस्या को हल करेगा ।
-रवि गुप्ता, अध्यक्ष कैट।
