इंदौर के राजेंद्र नगर थाने में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस नेताओं के साथ एसआईआर की प्रक्रिया में गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर फर्जी आपत्तियां लाखों की संख्या में लगाई हैं। भाजपा सरकार एक तरफ लोकतंत्र का गला घोंट रही है, वहीं दूसरी तरफ यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसके तहत विशेष रूप से दलित, पिछड़ा, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

 

पटवारी ने कहा कि वे राऊ विधानसभा के निवासी हैं और एक बूथ के कांग्रेस पार्टी से पीएलए की हैसियत से शिकायत करने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में सरकारी बीएलओ और भाजपा का बीएलए मिलकर पात्र मतदाताओं के नाम काट रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर फॉर्म 7 के माध्यम से किसी मतदाता का नाम कटवाने की आपत्ति दर्ज करता है, तो उस पर सेक्शन 31 के तहत एक साल की सजा का प्रावधान है।

भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे मतदान केंद्र पर ऐसा व्यक्ति आपत्ति लगा रहा है जो उस मतदान केंद्र का निवासी भी नहीं है। उसके द्वारा 52 से अधिक आपत्तियां लगाई गई हैं जो पूर्ण रूप से निराधार हैं। जिन लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाई गई है उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज है और वे अभी भी इस मतदान केंद्र के निवासी हैं, लेकिन भाजपा शासन के दबाव में फर्जी आपत्तियां लगाई गई हैं जिसमें शासकीय बीएलओ द्वारा भी बिना जांच-पड़ताल किए मतदाताओं के नामों को काट दिया गया।

पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में जो कुछ हो रहा है, वह किसी प्रशासनिक भूल का परिणाम नहीं बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश है। बिना ठोस आधार, बिना भौतिक सत्यापन और बिना सुनवाई के नाम काटे जा रहे हैं। प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, विपिन वानखेड़े, राजेश चौकसे, गिरधर नागर, जय हार्डिया, अमित चौरसिया, सच सलूजा मौजूद थे।



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