मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रकाशित सरकारी डायरी 2026 में बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। डायरी में कई ऐसे अधिकारियों के नाम और संपर्क नंबर दर्ज हैं जो वर्षों पहले रिटायर या ट्रांसफर हो चुके हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख अधिकारियों के नाम ही गायब हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि शासन की यह डायरी एक आधिकारिक संदर्भ दस्तावेज होती है, लेकिन इसमें तथ्यात्मक गलतियों की भरमार है। कई विभागों में पद, अधिकारी और विभाग के बीच कोई तालमेल नहीं है, जिससे साफ है कि डायरी बिना सत्यापन और अपडेट के प्रकाशित की गई।

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मोबाइल नंबर गायब, बंद लैंडलाइन दर्ज

कांग्रेस का आरोप है कि डायरी में अधिकांश अधिकारियों के मोबाइल नंबर नहीं दिए गए, जबकि इनके स्थान पर ऐसे लैंडलाइन नंबर दर्ज हैं जो या तो बंद हैं या सेवा में ही नहीं हैं। इससे प्रशासनिक समन्वय और जनता की पहुंच दोनों प्रभावित होती हैं।

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8 विभागों में प्रमुख सचिव का नाम नहीं

कांग्रेस के मुताबिक जेल, परिवहन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, श्रम, स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य, जनसंपर्क और महिला-बाल विकास जैसे 8 अहम विभागों में प्रमुख सचिव का नाम ही डायरी में दर्ज नहीं है।

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कांग्रेस की मांग और चेतावनी

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मांग की है कि सरकारी डायरी 2026 की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों की जवाबदेही तय की जाए और तत्काल संशोधित डायरी या शुद्धि-पत्र जारी किया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इसे जनहित का मुद्दा बनाकर आंदोलन किया जाएगा।



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