मुजफ्फरपुर जिले के दो व्यवसायियों के साथ डिजिटल गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली युवती समानता कश्यप ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया और करीब 85 लाख रुपये की राशि हड़प ली।

 

भगवानपुर और पताही के व्यवसायी बने निशाना

सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर और पताही निवासी निलय भारती और रामबाबू सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद युवती ने दोनों को अपने झांसे में लिया। सोने की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के चलते उन्होंने भी डिजिटल गोल्ड में निवेश करने का निर्णय लिया था, जिसका फायदा उठाकर ठगी की गई।

 

कनकधाम और सावरेन गोल्ड एक्सचेंज के नाम पर निवेश

पीड़ितों के अनुसार, युवती ने पहले ‘कनकधाम एक्सचेंज’ और बाद में ‘सावरेन गोल्ड एक्सचेंज’ के डिजिटल गोल्ड एसेट में निवेश कराया। तीन अक्तूबर से चार नवंबर 2025 के बीच कुल 17 लाख 42 हजार रुपये निवेश कराए गए। इसके बाद आठ नवंबर 2025 को जब निकासी की प्रक्रिया शुरू की गई, तो अलग-अलग मदों में लगातार भुगतान की मांग की जाने लगी।

निवेश के नाम पर साइबर जाल में फंसे व्यवसाई

 

टैक्स और फीस के नाम पर ली गई बड़ी रकम

निकासी के नाम पर पहले इनकम टैक्स के लिए 12.77 लाख रुपये, फिर जीएसटी के लिए 13.85 लाख रुपये, थर्ड पार्टी के नाम पर 14.09 लाख रुपये, स्विफ्ट फीस के लिए 9.40 लाख रुपये, आरबीआई फीस के नाम पर 14.05 लाख रुपये और एनपीसीआई फीस के नाम पर 13.15 लाख रुपये वसूले गए। भुगतान के बाद 48 घंटे में निकासी का भरोसा दिया गया, लेकिन राशि वापस नहीं मिली।

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दोनों व्यवसायियों से कुल 82.59 लाख रुपये की ठगी

लगातार भुगतान के बावजूद जब निकासी नहीं हुई तो पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। इस प्रक्रिया में निलय भारती से 82.59 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ितों ने बताया कि यही तरीका उनके एक मित्र श्यामबाबू के साथ भी अपनाया गया।

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साइबर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच जारी

पूरे मामले को लेकर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि डिजिटल गोल्ड निवेश के नाम पर ठगी की शिकायत प्राप्त हुई है। एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में बैंक विवरण से यह सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने अलग-अलग बैंकों के लगभग 20 खातों में राशि ट्रांसफर करवाई है।

 



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