इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में ठिठुरन बढ़ गई है। बीते चौबीस घंटों के दौरान तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोग दिनभर कांपते नजर आए। हालांकि दोपहर के समय आसमान साफ होने से तेज धूप खिली लेकिन बर्फीली हवाओं की रफ्तार के आगे वह बेअसर साबित हुई। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश का दौर थमते ही अब कड़ाके की ठंड और कोहरे ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

कोहरे की चादर में लिपटे शहर

गुरुवार की सुबह मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए घने कोहरे की सौगात लेकर आई। इंदौर सहित राज्य के कई जिलों में सुबह दस बजे तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के बीस से अधिक जिलों में मध्यम से लेकर घना कोहरा छाया रहा। इस स्थिति के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम रही जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कोहरे की सघनता इतनी अधिक थी कि वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलानी पड़ी।

इंदौर के तापमान में रिकॉर्ड गिरावट

इंदौर शहर में आज मौसम के सबसे ठंडे दिनों में से एक महसूस किया गया। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं बुधवार गुरुवार की रात का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि गुरुवार की रात पारे में और भी अधिक गिरावट आ सकती है जिससे आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ेगी।

स्कूलों की उपस्थिति पर असर

कड़ाके की ठंड और सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण इंदौर के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर बड़ा असर देखा गया। ठंड के प्रकोप को देखते हुए कई अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। सुबह दस बजे के बाद तक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी रही। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले वे गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए। दोपहर में धूप निकलने के बाद ही बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चहल-पहल शुरू हो सकी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *