गंगा धाम कॉलोनी में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में बाणगंगा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने खुलासा किया है कि टीसीएस कंपनी में हाउसकीपिंग का काम करने वाली गायत्री धीमान की हत्या महज लूटपाट के इरादे से की गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
सीसीटीवी फुटेज से सुलझी गुत्थी
मृतिका गायत्री पति सुनील धीमान का शव उनके घर में संदिग्ध हालत में मिला था, जिसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के लगभग 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ था कि महिला की मौत दम घुटने की वजह से हुई थी, क्योंकि आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था।
लूट की नीयत से रची गई साजिश
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे मृतिका के पड़ोस में ही किराए से रहते थे और काफी समय से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। वारदात के दिन आरोपी चोरी की नीयत से घर में दाखिल हुए थे। विरोध की आशंका को देखते हुए उन्होंने महिला को पूरी तरह बेबस कर दिया और गला घोंटकर उनकी जान ले ली। घर से नकदी और जेवरात समेटकर आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इंदौर से भागने वाले थे आरोपी, तीसरा अभी भी फरार
28 जनवरी की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी शहर छोड़ने की फिराक में हैं। घेराबंदी के दौरान आरोपियों का ऑटो अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने मौके से अमित मौर्य और सुमित मौर्य को हिरासत में ले लिया। वारदात में शामिल तीसरा आरोपी अमित गाडेकर फिलहाल फरार है, जिस पर पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
