राजधानी भोपाल में बुधवार को शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक सम्मान को केंद्र में रखकर प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मंच पर न सिर्फ नवाचार करने वाले शिक्षकों को सम्मान मिला, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा का भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी शिक्षिका कोकिला सेन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पढ़ाने के नए तरीके अपनाए और जिनके विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उपलब्धियों में बेहतर प्रदर्शन किया।
गुरु के सम्मान में झुके मुख्यमंत्री
जैसे ही शिक्षिका कोकिला सेन मंच पर पहुंचीं, मुख्यमंत्री स्वयं आगे बढ़े और उन्हें नमन किया। इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मंच पर मौजूद रहे। कुल पांच शिक्षकों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
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नवाचार और गुणवत्ता पर फोकस
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों द्वारा लगाई गई शैक्षिक प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन भी किया। अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन शिक्षा में नवाचार, गुणवत्ता सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया।
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नई शिक्षा नीति की असली जिम्मेदारी शिक्षकों पर
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति को जमीनी स्तर तक सफल बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या अधिकारियों की नहीं, बल्कि शिक्षकों की है। बच्चों तक नीति का लाभ पहुंचाने और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में शिक्षक सबसे अहम कड़ी हैं।