MP News: ग्वालियर जिले में लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार …और पढ़ें

HighLights
- स्वास्थ्य विभाग ने पांच फर्जी क्लीनिक सील किए
- बिना पंजीयन और पात्रता चल रहे थे क्लीनिक
- 12वीं पास युवक डॉक्टर बनकर इलाज करता मिला
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: जिले में अवैध रूप से संचालित फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। मोतीझील और रायरू इलाकों में अचानक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर अवैध क्लीनिक संचालकों में भगदड़ मच गई।
बिना पंजीयन और पात्रता चल रहे थे क्लीनिक
जांच के दौरान सामने आया कि इन क्लीनिकों के पास न तो CMHO कार्यालय का वैध पंजीयन था और न ही संबंधित चिकित्सा पद्धति में इलाज करने की पात्रता। इसके बावजूद मरीजों को गंभीर एलोपैथिक दवाएं दी जा रही थीं, जो जानलेवा साबित हो सकती थीं।
12वीं पास युवक बना बैठा था डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाया कि रायरू क्षेत्र में बंगाली क्लीनिक संचालक प्रदीप राय केवल 12वीं पास था, लेकिन वह एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहा था। इसी तरह, मोतीझील और पुरानी छावनी क्षेत्र में एएनएम और GNM भी एलोपैथिक चिकित्सा करते हुए पकड़े गए।
कार्रवाई करने पहुंची थी यह टीम
इस कार्रवाई में डॉक्टर उमेश मौर्य और शाखा प्रभारी पुरेन्द्र सिंह राजपूत शामिल थे। विभाग ने सभी दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग का सख्त संदेश
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्वालियर जिले में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना पात्रता के चिकित्सा प्रैक्टिस करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसी तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।
इन पांच क्लीनिकों को किया गया सील
- गिर्राज शर्मा, तिवारी क्लीनिक (मोतीझील)- बीएचएमएस, एलोपैथिक इलाज करते पाए गए
- विनोद गोस्वामी, शर्मा क्लीनिक (मोतीझील)- जीएनएम, एलोपैथिक प्रैक्टिस करते पकड़े गए
- गीता सिकरवार (पुरानी छावनी)- एएनएम, एलोपैथिक इलाज करते हुए मिलीं
- प्रदीप राय, बंगाली क्लीनिक (रायरू)- 12वीं पास, डॉक्टर बनकर इलाज करता मिला
- राजेंद्र सिंह राजपूत, नेहा स्वास्थ्य सदन (रायरू)- बीएएमएस, एलोपैथिक इलाज करते पाए गए
