Shambhavi Pathak: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के क्रैश हुए प्लेन (लीयरजेट 45) की को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक ने ग्वालियर के बसंत विहार स्थि …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 28 Jan 2026 08:48:45 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Jan 2026 08:55:19 PM (IST)

सुबह भेजा था गुड मार्निंग का मैसेज, कुछ देर बाद मिली बुरी खबर, दादी मीरा पाठक के पास रह गईं पोती शांभवी की आखिरी यादें
दादी मीरा पाठक के पास रह गईं पोती शांभवी की आखिरी यादें

HighLights

  1. अजित पवार के प्लेन की को-पायलट शांभवी ने दादी को सुबह भेजा था गुड मार्निंग मैसेज
  2. ग्वालियर के एयरफोर्स स्कूल नंबर वन में 2016 से 2018 तक की थी पढ़ाई
  3. शांभवी ने 2018 में ग्वालियर से 12वीं करने के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के क्रैश हुए प्लेन (लीयरजेट 45) की को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक ने ग्वालियर के एयरफोर्स स्कूल नंबर-वन बाल भारती स्कूल में 2016 से 2018 तक पढ़ाई की और यहीं हवा में उड़ान भरने का सपना देखा था। ग्वालियर के बसंत विहार स्थित डी-61 में रहने वाली दादी मीरा पाठक को शांभवी ने बुधवार सुबह 6:36 बजे गुड मॉर्निंग का मैसेज भेजा था। इसके बाद शांभवी अपनी फ्लाइट पर पहुंच गई। दादी को कुछ ही देर बाद प्लेन क्रैश की बुरी खबर मिली।

ग्वालियर में फिलहाल शांभवी की दादी मीरा पाठक ही रहती हैं। पायलट शांभवी के घर पर उनकी कुछ बचपन की तस्वीरें हैं। फाइटर प्लेन से उन्हें बेहद लगाव था, क्योंकि उनके पिता इंडियन एयर फोर्स में रहे हैं। दादी ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को शांभवी से मुलाकात हुई थी। शांभवी का परिवार अभी दिल्ली में रहता है। परिवार में छोटा भाई वरुण, मां रोली शुक्ला पाठक हैं। पिता विक्रम पाठक एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर थे और यहां ग्वालियर एयरफोर्स में पदस्थ थे। शांभवी यहां पढ़ाई के दौरान एयरफोर्स कैंपस में परिवार सहित रहती थीं। शांभवी का ननिहाल उत्तर प्रदेश के कानपुर में हैं।

मुंबई से ली एयरोनोटिक्स में स्नातक डिग्री फिर लिया न्यूजीलैंड की अकादमी में दाखिला

शांभवी ने 2018 में ग्वालियर से 12वीं करने के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। जहां से एयरोनाटिक्स-एविएशन-एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बीएससी (बैचलर आफ साइंस) की डिग्री हासिल की। फिर न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कामर्शियल पायलट अकादमी में दाखिला लिया और कामर्शियल पायलट और फ्लाइट क्रू ट्रेनिंग ली। पायलट बनने के अलावा शांभवी भावी पीढ़ी के पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए समर्पित थीं।

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उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया और उनके पास उड़ान प्रशिक्षक रेटिंग (ए) थी। शांभवी पाठक दिल्ली स्थित नान-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट आपरेटर वीएचआर वेंचर्स में फर्स्ट आफिसर के तौर पर काम कर रही थीं, जो छोटे विमान लियारजेट 45 का संचालन करती है। 2022 से वीएचआर वेंचर्स से जुड़ी हुई थीं। पाठक को डायरेक्टरेट जनरल आफ सिविल एविएशन से फ़्रोजन एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस भी मिला था।



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