इंदौर के आरएनटी मार्ग स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित नई नीति के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों द्वारा शांतिपूर्ण एवं संगठित तरीके से किया गया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियमों को शिक्षा की समानता के अधिकार के खिलाफ बताते हुए जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन किया। 

हनुमान चालीसा का पाठ कर ज्ञापन दिया

विरोध प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रतापसिंह के नेतृत्व में लगभग तीन सौ छात्रों ने कुलपति को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एक अनूठा विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला जब प्रदर्शनकारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए विश्वविद्यालय परिसर में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। अनुराग प्रतापसिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे शिक्षा में समानता के अधिकार के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

भारत बंद करेंगे

आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए संगठन ने घोषणा की है कि यूजीसी के इस विवादास्पद प्रस्ताव के विरोध में एक फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया जाएगा। इसके अगले ही दिन यानी दो फरवरी को मध्य प्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर उनसे इस नीति पर रुख स्पष्ट करने को कहा जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे सांसदों से लिखित आश्वासन मांगेंगे कि वे केंद्र सरकार के समक्ष छात्रों की बात रखें।

कड़ा विरोध किया और चेतावनी दी

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो सांसद इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे उनका कड़ा विरोध किया जाएगा। विरोध स्वरूप उन्हें चूड़ियां भेंट की जाएंगी और प्रतीकात्मक रूप से उनकी अर्थी भी निकाली जाएगी। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने सांसदों के घरों और दफ्तरों के घेराव की भी योजना बनाई है। मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन में शुभम सिंह राजपूत, किशोर सिंह सिकरवार, राहुल सिंह जादौन, रविनेश सिंह राठौड़, अजीत सिंह ठाकुर और डॉ संतोष सिंह सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।



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