जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहन ने दो जिंदगियां छीन लीं। शहर के कृपालपुर क्षेत्र के पास मंगलवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक पिता और उसके मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कृपालपुर निवासी शंखधर केवट (30 वर्ष) अपने 8 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ केवट के साथ खेत से काम खत्म कर घर लौट रहे थे। शंखधर केवट खेतों में तकवारी (खेती से जुड़ा मजदूरी कार्य) कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। रोज की तरह मंगलवार को भी वे बेटे को साथ लेकर काम से लौट रहे थे। इसी दौरान मटेहाना रोड पर तेज रफ्तार से आ रहे एक डंपर ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सड़क पर पिता और बेटे के शव पड़े देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
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घटना की जानकारी मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल सतना भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक ही परिवार के पिता और बेटे की एक साथ मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने वाले शंखधर की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मासूम सिद्धार्थ की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मटेहाना रोड पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से हादसों का कारण बन रही है। इसके बावजूद न तो स्पीड कंट्रोल के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही नियमित निगरानी। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
