मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक रौद्र रूप ले लिया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित हुए हैं। ठंड के बीच बारिश-ओलों के इस दौर ने तापमान और गिरा दिया है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि गुना, उज्जैन, आगर-मालवा और शाजापुर में ओलावृष्टि हुई।

ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने की चेतावनी दी है। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह शामिल हैं। वहीं, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में बादल छाए रहने के आसार हैं।

बारिश के साथ कोहरे की चादर

उत्तरी मध्य प्रदेश में जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं सुबह के समय घना कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन और सीहोर में भी दृश्यता प्रभावित हुई।

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ग्वालियर-शिवपुरी में स्कूल बंद

लगातार बारिश और बढ़ती ठंड को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने एहतियातन बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। शिवपुरी समेत आसपास के इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा।

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ओलावृष्टि से खेती को झटका

मंगलवार को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में गिरे ओलों से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। रतलाम, शाजापुर और आगर में तेज हवा के चलते खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। कई जगह सड़कों पर पानी बह निकला। रात के समय निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, उज्जैन, खरगोन और धार में आकाशीय बिजली चमकती रही।



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