:भोपाल एम्स में हुई चेन स्नेचिंग की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हाई-सिक्योरिटी माने जाने वाले संस्थान में महिला कर्मचारी को लिफ्ट के अंदर निशाना बनाए जाने के बाद प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए IPD में बिना अटेंडर कार्ड प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब हर एंट्री पर पहचान और उद्देश्य की जांच होगी। रविवार शाम हुई इस वारदात के बाद छुट्टियों के चलते रुकी प्रशासनिक हलचल मंगलवार को तेज हुई। एम्स निदेशक की अध्यक्षता में करीब दो घंटे चली हाई लेवल बैठक में सुरक्षा एजेंसी, प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ मौजूदा सिस्टम की खामियों पर मंथन हुआ। बैठक में साफ कहा गया कि OPD समय के बाद अस्पताल के सुनसान हिस्से अपराधियों के लिए आसान टारगेट बन रहे हैं।

मास्क और टोपी में IPD क्षेत्र तक पहुंचा आरोपी

प्रबंधन के मुताबिक, आरोपी ने इसी कमजोरी का फायदा उठाया। वह मास्क और टोपी में IPD क्षेत्र तक पहुंचा, लिफ्ट में महिला कर्मी से बातचीत की और मौके का इंतजार करता रहा। जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा खुला, उसने झपट्टा मारकर मंगलसूत्र छीना और सीढ़ियों के रास्ते फरार हो गया।घटना के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच को अलर्ट किया गया है। आरोपी के अस्पताल में दाखिल होने से लेकर बाहर निकलने तक का पूरा रूट मैप तैयार किया जा रहा है। CCTV फुटेज की बारीकी से मैपिंग की जा रही है ताकि उसकी पहचान और गिरफ्तारी जल्द हो सके।

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घटना के बाद एम्स में लिए गए अहम फैसले 

– IPD में बिना वैध अटेंडर कार्ड एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित

– सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर गार्ड की अनिवार्य तैनाती

– डार्क स्पॉट्स और सुनसान इलाकों की पहचान कर विशेष निगरानी

– राउंड सिस्टम को और सख्त किया जाएगा

– CCTV मॉनिटरिंग में लापरवाही पर कार्रवाई

– पुलिस और क्राइम ब्रांच से डायरेक्ट कोऑर्डिनेशन

– संदिग्ध मूवमेंट के लिए CCTV रूट मैपिंग सिस्टम लागू

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सुरक्षा पर सवाल, FIR का इंतजार

पीड़िता, जो एम्स के स्त्री रोग विभाग में अटेंडर के पद पर कार्यरत हैं, ने थाने में लिखित शिकायत दी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। घटना स्थल पर सुरक्षा कर्मी की गैरमौजूदगी भी जांच के दायरे में है।

राजनीतिक दबाव भी बढ़ाचेन स्नेचिंग के विरोध में कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में एम्स प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। मांग की गई कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए।

 



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