राजधानी भोपाल में नगर निगम के स्लॉटर हाउस से गोमांस की कथित सप्लाई के मामले में आरोपी संचालक असलम चमड़ा को रविवार दोपहर गोपनीय तरीके से अदालत में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। असलम तीन दिन की पुलिस रिमांड पर था। एसआईटी (विशेष जांच टीम) ने रिमांड के दौरान उससे कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि पूछताछ के दौरान असलम ने कई सवालों पर गुमराह करने की कोशिश की।
विदेशों में मांस सप्लाई की बात स्वीकार
असलम ने विदेशों में मांस सप्लाई करने की बात तो स्वीकार की है, लेकिन उसने मांस को गाय का बताने से इनकार किया है। उसका कहना है कि वह केवल स्लॉटर हाउस का संचालन करता था। साथ ही उसने यह भी स्वीकार किया कि मृत गायों को उठाने का ठेका उसके पास था।
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गोहत्या से इनकार, कंटेनर को नहीं माना अपना
असलम ने पुलिस के सामने गोहत्या किए जाने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उसके स्लॉटर हाउस में केवल मांस की पैकेजिंग हुई थी। पीएचक्यू के सामने पकड़े गए मांस से भरे कंटेनर को भी उसने अपना मानने से इनकार किया है। उसका दावा है कि मांस आगरा की एक कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
अब करीबियों और साझेदारों से पूछताछ
असलम से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उसके करीबियों, बिजनेस पार्टनर्स और कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। एसआईटी ने इस मामले में कोर्ट से रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की।
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज
गोमांस मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। इस बीच, महापौर और नगर निगम अधिकारियों की भूमिका को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। वहीं, हिंदूवादी संगठनों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहने की चेतावनी दी है।
