नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के भीड़भाड़ वाले दाल बाजार में दिनदहाड़े युवती के अपहरण की खबर से गुरुवार शाम हड़कंप मच गया। शाम चार बजे से रात 11 बजे तक पुलिस मामले की परतें सुलझाने में जुटी रही। जब पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आई तो मामला शादी के नाम पर ठगी करने वाली एक संगठित गैंग का निकला, जिसने पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी थी।

पुलिस के अनुसार बिल्डर के मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर बेटे की शादी कराने का सौदा दो लाख रुपये में तय किया गया था। गैंग ने एक युवती को दिखाया और शादी के लिए राजी बताया। दो लाख रुपये लेने के बाद युवती को साथ लेकर नोटरी कराने पहुंचे। नोटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिल्डर को यह विश्वास हो गया कि युवती अब उनके घर की बहू बन गई है।

बिल्डर और उसके बेटे के साथ मारपीट

नोटरी के तुरंत बाद बिल्डर अपने बेटे और युवती को कार से लेकर जा रहा था। इसी दौरान बिचौलिया और युवती का भाई बनकर साथ आए युवक दाल बाजार में पहुंचे। उन्होंने कार को घेर लिया, बिल्डर और उसके बेटे के साथ मारपीट की और युवती को अपने साथ ले गए।

जब पुलिस ने पूरे मामले की जांच की तो सामने आया कि यह अपहरण नहीं, बल्कि शादी के बहाने की गई ठगी थी। पुलिस ने बंटी धाकड़, शिवानी ठाकुर और हीरा ठाकुर को हिरासत में ले लिया है। वहीं पूनम गौर और विजय कुमार फरार बताए जा रहे हैं। आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।

यह है पूरा मामला

शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर का बेटा अस्मित पाराशर मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर है। बेटे की शादी के लिए कई रिश्ते देखे गए, लेकिन बात नहीं बनी। इसी दौरान महेंद्र पाराशर की मुलाकात मुरैना के परसौटा निवासी बंटी पुत्र शिवनारायण धाकड़ से हुई। बंटी ने दो लाख रुपये लेकर शादी कराने का भरोसा दिलाया और पूनम गौर को दिखाया, जो शादी के लिए राजी हो गई।

हीरा ठाकुर और उसकी पत्नी शिवानी को रिश्तेदार बताया गया, जबकि विजय निवासी भितरवार को भाई के रूप में पेश किया गया। गुरुवार को पुराने हाई कोर्ट के पास नोटरी कराई गई। नोटरी के बाद पूनम को महेंद्र पाराशर और उनके बेटे के सुपुर्द कर दिया गया। जैसे ही वे कार से दाल बाजार पहुंचे, पीछे से वही लोग आए और मारपीट कर युवती को ले गए।

कार रोककर बोला गया- बहन को कहां ले जा रहे हो

आरोपितों ने अपनी गाड़ी कार के आगे लगा दी। कार रुकते ही कांच पर हाथ मारा और गेट खोलकर मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि हमारी बहन को कहां ले जा रहे हो और युवती को अपने साथ लेकर चले गए।

इंटरनेट मीडिया पर फैली अपहरण की खबर

घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर युवती के अपहरण की अफवाह फैल गई।

पुलिस का क्या कहना

एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि दाल बाजार की घटना पूरी तरह सुनियोजित साजिश थी। शादी के बदले रुपये लिए गए और नोटरी के बाद खुद ही बिल्डर पर हमला कर अपहरण का आरोप लगाया गया। तीन आरोपित हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ में अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।



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