भोपाल में कथित गोमांस तस्करी और स्लॉटर हाउस विवाद को लेकर हिंदू संगठनों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव करते हुए सीधे तौर पर इस्तीफे की मांग की। विरोध जताने के लिए महापौर के पोस्टर, नेम प्लेट और होर्डिंग्स पर कालिख पोती गई। प्रदर्शन के दौरान बंगले के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे प्रशासन की कथित चुप्पी के खिलाफ सांकेतिक और चेतावनी भरा विरोध बताया।
स्लॉटर हाउस पहुंचा कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल, EOW में शिकायत
इधर भोपाल के जिंसी स्लॉटर हाउस प्रकरण में कांग्रेस तिनिधि मंडल ने स्थल निरीक्षण किया। कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं का दावा किया। इधर कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया ने EOW में शिकायत दर्ज कराते हुए स्लॉटर हाउस के टेंडर में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। बरोलिया ने मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया की गहन जांच की जाए और यदि इसमें किसी अधिकारी, महापौर या बड़े नेता की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को प्रशासनिक लापरवाही और संभावित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पोस्टर पर कालिख, दीवारों पर इस्तीफा-इस्तीफा
बजरंग दल सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने महापौर के बंगले के बाहर लगे पोस्टरों पर कालिख पोत दी और तस्वीरों को विकृत कर विरोध दर्ज कराया। बंगले की दीवारों पर महापौर इस्तीफा दो लिखकर आक्रोश जाहिर किया गया।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम की निष्क्रियता के चलते शहर में गोमांस तस्करी और अवैध स्लॉटर हाउस फल-फूल रहे हैं।
नेटवर्क खत्म नहीं हुआ, सिर्फ मोहरे पकड़े गए
हिंदू उत्सव समिति और अन्य संगठनों ने दावा किया कि 17 दिसंबर 2025 को PHQ के सामने पकड़ा गया मांस से भरा ट्रक सिर्फ एक कड़ी था। उस मामले में स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को जेल भेजा गया, लेकिन पूरा नेटवर्क अब भी सक्रिय है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक मास्टरमाइंड और संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन थमेगा नहीं।
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नगर निगम की भूमिका पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की जानकारी और संरक्षण के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है। इसी वजह से उन्होंने महापौर से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की।
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कार्रवाई तक जारी रहेगा आंदोलन
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि गोमांस तस्करी के पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इधर एसीपी अंकिता खातरकर ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति किया गया, इसलिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
