इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 25 दिन बाद नगर निगम में नर्मदालाइन से साफ पानी की आपूर्ति शुरू की है हालांकि अभी भी बस्ती वासी पानी का उपयोग नहीं कर रहे है।वे नहाने व कामों के लिए इस पानी का उपयोग कर सकते हैं। नई लाइन से दआए पानी को पिछले दिनों रहवासियों के सामने मेयर ने पीकर दिखाया था। बार-बार लिए जा रहे सेंपलों की रिपोर्ट में भी साफ पानी बताया जा रहा है, लेकिन भागीरथपुरावासी अभी भी पानी को पीने से डर रहे है। उन्होंने बीते 25 दिनों से बस्ती के लोगों को दूषित पानी के कारण बीमार होते देखा है और बस्ती में 24 लोग इस कारण जान भी गंवा चुके है। रहवासी अभी भी टैंकरों का या बोरिंगों का पानी पी रहे है।
मंगलवार को फिर बस्ती में नर्मदा लाइन की टेस्टिंग की गई। पानी पीने से लोगों की बीमार होने के बाद नगर निगम ने नई पाइपलाइन को बिछाने का काम शुरू किया था। बस्ती के तीस हिस्से में इस नई लाइन से नर्मदा के पानी की आपूर्ति की जा रही है। रहवासियों का कहना है कि जब तक पूरी बस्ती में नर्मदा लाइन नहीं बदल जाती, हमें भरोसा नहीं होगा अभी जो पानी सप्लाई हो रही है, उससे पांच हजार रहवासी जुड़े है,जबकि बस्ती में पचास हजार से ज्यादा लोग रहते है।
भागीरथपुरा पानी की टंकी का पानी कुलकर्णी भट्टा, बिजासन नगर तक जाता है, लेकिन बस्ती की लाइन लीकेज होने के कारण दूषित पानी की सप्लाई सिर्फ बस्ती में ही हुई थी। आपको बता दे कि सात दिन पहले जब बस्ती में नई लाइन से मेयर पुष्य मित्र भार्गव की मौजूदगी में सप्लाई की गई तो उन्होंने सप्लाई के दौरान आ रहा है पानी को पीकर देखा और उसकी शुद्धता की जांच की। फिलहाल टंकी से बस्ती तक वितरण के लिए नई लाइन बिछाई है। जिससे बस्ती का बड़ा हिस्सा जुड़ा है। पूरी बस्ती की लाइन बदलने में दो माह का समय लगेगा। जगह-जगह खुदाई होने के कारण टैंकरों से भी जल वितरण करने में परेशानी आ रही है।
