मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं के लिए खरीदे गए वॉर्मर उपकरणों की खरीदी में अनियमितताओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। यह मामला करीब 7 करोड़ रुपये की खरीदी से जुड़ा है, जिसमें निर्धारित मानकों के विपरीत UPS की जगह इन्वर्टर सप्लाई कर दिए गए। इस मामले में अमर उजाला ने 14 जनवरी के अंक में “MP News: नवजात शिशु वार्मर खरीदी में बड़ी गड़बड़ी, UPS की जगह 900 इन्वर्टर कर दिए सप्लाई, करोड़ों का खेल!” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) स्तर पर हलचल तेज हो गई। मामले को लेकर एनएचएम की संचालक सलोनी सिडाना ने कहा कि नवजात शिशु वॉर्मर खरीदी से जुड़ी शिकायतों को कॉरपोरेशन के समक्ष रखा गया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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बता दें मध्य प्रदेश हेल्थ सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPHSCL) द्वारा जारी टेंडर में जहां वार्मर के साथ यूपीएस (UPS) की आपूर्ति करना था, वहीं सप्लायर ने यूपीएस की जगह इन्वर्टर सप्लाई कर दिया। यहीं नहीं हमीदिया अस्पताल में वॉर्मर की सप्लाई में 10 से अधिक वॉर्मर के ट्रे की प्लीट भी टूटी पाई गई थी। इस मामले में हमीदिया अस्पताल प्रशासन ने इसको कॉरपोरेशन के सामने मुद्दा उठाया था। पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश की तरफ से नवजात बच्चों के वॉर्मर की सप्लाई की गई है। इसका टेंडर कॉरपारेशन की तरफ से जारी किया था। वहीं, अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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