मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 की वेटिंग लिस्ट में शामिल शिक्षकों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। लंबे समय से नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज वेटिंग शिक्षकों ने सोमवार को सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ शिक्षकों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के तहत पहले पात्रता परीक्षा और फिर चयन परीक्षा कराई गई। यह परीक्षा करीब 6 साल बाद आयोजित हुई थी। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि दो-दो परीक्षाएं लेने के बावजूद अच्छे अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति नहीं मिली। कुल 8420 पद घोषित किए गए थे, लेकिन वास्तविक नियुक्ति केवल 2901 पदों पर ही की गई, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी वेटिंग लिस्ट में फंस गए।

परिवार चलाना हुआ मुश्किल

वेटिंग शिक्षकों ने बताया कि कई अभ्यर्थी वर्षों से निजी स्कूलों में कम वेतन पर पढ़ाने को मजबूर हैं। कई शिक्षक अपने परिवार का खर्च तक नहीं उठा पा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार अगर पदों की संख्या बढ़ा दे, तो वेटिंग लिस्ट अपने आप क्लियर हो सकती है।

डिप्टी सीएम के बंगले तक रैली

सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों शिक्षक रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाहर एकत्र हुए और रैली के रूप में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बंगले तक पहुंचे। वेटिंग शिक्षक संघ के मनोज दंडोतिया ने बताया कि अगस्त 2023 में परीक्षा हुई थी और तभी से पद वृद्धि की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

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हवन कर की आंदोलन की शुरुआत

रैली से पहले शिक्षकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर के साथ हवन किया और सरकार से न्याय की गुहार लगाई। शिक्षकों का कहना है कि सरकार करीब 58 हजार पदों को मंजूरी दे चुकी है और वित्त मंत्री भी पत्र लिख चुके हैं, इसके बावजूद विभाग स्तर पर फाइलें अटकी हुई हैं।

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आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन का नेतृत्व देवेश पालीवाल, मनोज दंडोतिया, नीरज द्विवेदी और नागूसिंह देवड़ा ने किया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही पद वृद्धि और सेकेंड काउंसलिंग पर फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।गौरतलब है कि वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 के वेटिंग अभ्यर्थी पिछले दो साल से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराई जाए, ताकि योग्य शिक्षकों को जल्द सरकारी नौकरी मिल 

 



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