राजधानी भोपाल के चिनार ड्रीम सिटी में सामने आई एक गंभीर लापरवाही ने 77 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली। पॉश कॉलोनी की लिफ्ट तकनीकी खामी के चलते सीधे लिफ्ट डक्ट में जाकर खुल गई, जिससे बुजुर्ग उसी में उतर गए। इसके बाद लिफ्ट संभवतः ऊपर चली गई और बुजुर्ग डक्ट में फंस गए। आरोप है कि लगातार आठ दिन तक लिफ्ट का संचालन होता रहा, जिससे बुजुर्ग का शरीर डक्ट में पड़ा रहा और सड़ता रहा। आठ दिन बाद तेज बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई, तब जाकर शव को सड़ी-गली हालत में बाहर निकाला गया।
उधर बुजुर्ग के परिजन उनके घर नहीं लौटने पर मिसरोद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराकर उनकी तलाश में भटकते रहे। इस पूरे मामले में चिनार ड्रीम सिटी सोसायटी प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने किसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया है लेकिन जांच के बाद मामला दर्ज किया जा सकता है।
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मिसरोद थाना पुलिस के अनुसार मृतक प्रीतम गिरी गोस्वामी (77) चिनार ड्रीम सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर डी-304 में अपने बेटे के साथ रहते थे। उनका बेटा मिसरोद क्षेत्र में किराने की दुकान चलाता है। 10 जनवरी को प्रीतम गिरी अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने देर रात तक तलाश की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद भी परिजन, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां एक सप्ताह तक उनकी तलाश करते रहे।
आठ दिन बाद सोसायटी में तेज बदबू फैलने पर लिफ्ट टेक्नीशियन को बुलाया गया। लिफ्ट डक्ट की जांच के दौरान नीचे शव दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने बुजुर्ग की शिनाख्त की।
मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। सोसायटी प्रबंधन के बयान दर्ज किए जाएंगे। प्रबंधन का तर्क है कि लिफ्ट पहले से खराब थी और बदबू आने के बाद ही टेक्नीशियन को बुलाया गया था। पुलिस का कहना है कि कॉलोनी के बिल्डर से भी पूछताछ की जाएगी, क्योंकि लिफ्ट बिल्डर द्वारा ही लगवाई गई थी। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते तकनीकी खामी दूर कर दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
