नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने एक और एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में तीन लोगों सहित नगर निगम ग्वालियर की जन्म-मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों और बैंक ऑफ इंडिया श्योपुर के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जांच एजेंसी के सामने यह तथ्य आया है कि इस मामले में ग्वालियर ही नहीं, बल्कि चंबल संभाग में भी एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसने शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।

इनके खिलाफ मामला दर्ज

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने दीपमाला मिश्रा, जिगनेश प्रजापति, नवीन मित्तल और पूजा कुमारी सहित नगर निगम ग्वालियर की जन्म- मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा श्योपुर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।

जीवित व्यक्तियों को मृत और मृत व्यक्तियों को जीवित का खेल

बता दें कि ग्वालियर–चंबल संभाग में कई गिरोह संगठित होकर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में जीवित व्यक्तियों को मृत और मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बीमा राशि निकाल रहे थे, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई। इसका खुलासा नईदुनिया ने किया था।

एलआईसी ऑफ इंडिया द्वारा क्लेम भुगतान

ईओडब्ल्यू द्वारा शिकायत पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई है। जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 की अवधि को प्रारंभिक रूप से जांच में लिया गया है। इस दौरान ग्वालियर–चंबल संभाग में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत बीमा कर रही आठ बीमा कंपनियों- न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, स्टार यूनियन दाई-इची लाइफ इंश्योरेंस (सुड), भारतीय एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और एलआईसी ऑफ इंडिया द्वारा क्लेम भुगतान किया गया था।

क्या है प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजना है। यह योजना समाज के गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों की प्राकृतिक अथवा आकस्मिक मृत्यु होने पर मात्र 436 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर दो लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।



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