भारत भवन में आयोजित महाभारत समागम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। यह आयोजन देश का पहला और अब तक का सबसे बड़ा महाभारत आधारित सांस्कृतिक समागम है, जिसमें वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा को प्रस्तुत किया गया। शुभारंभ के अवसर पर इंडोनेशिया के नाट्य समूह ने “भीष्म का पतन” नृत्य-नाट्य प्रस्तुति दी, जबकि “कर्मचक्र की गाथा” ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने इमर्सिव डोम थियेटर, प्रदर्शनियां, भारतीय कठपुतली, पत्रिकाएं, पुस्तकें और वेबसाइट का उद्घाटन भी किया।

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इंडोनेशिया के कलाकार प्रस्तुति दे देते हुए
– फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाभारत केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि मानवता को विवेक, संवाद और शांति का मार्ग दिखाने वाला महाकाव्य है। आज जब विश्व हिंसा और असहिष्णुता से जूझ रहा है, तब इसका संदेश और भी प्रासंगिक है। यह समागम हमें सिखाता है कि सभ्यताओं का भविष्य टकराव में नहीं, बल्कि सहअस्तित्व और औदार्य में सुरक्षित है। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, भोपाल महापौर मालती राय, विधायकगण और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने पत्रिकाओं का विमोचन भी किया
– फोटो : अमर उजाला
समागम में श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं का भी सम्मान किया गया। विजेताओं को नगद पुरस्कार, लैपटॉप, ई-रिक्शा और ई-बाइक प्रदान की गई। विशेष आकर्षण रहा भारत का पहला पौराणिक इमर्सिव डोम थियेटर, जिसमें भगवद्गीता के 12वें अध्याय पर आधारित छह मिनट की फिल्म “नारायणः सर्वम्” दिखाई गई। इसमें श्रीकृष्ण का विराट रूप दर्शाया गया, और उनकी आवाज सुप्रसिद्ध अभिनेता सौरव राज जैन ने दी।

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इंडोनेशिया के कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुति दी
– फोटो : अमर उजाला
समागम अगले सप्ताह तक चलेगा और इसमें कथकली, नृत्य-नाट्य, संगीत नाट्य प्रस्तुतियां शामिल होंगी। 17 जनवरी को “दु:शासन वध” कथकली नृत्य, “उर्वशी” और “शिखंडी” नाट्य प्रस्तुति, तथा श्रीलंका की “पांचाली” संगीत नाट्य प्रस्तुति प्रस्तुत की जाएंगी। वीर भारत न्यास के श्रीराम तिवारी ने कहा कि यह आयोजन महाभारत को केवल अतीत की कथा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक चेतना के रूप में पेश करता है।
